Bhojpur News : पंचायत विकास दिवस के अवसर पर रविवार को कोईलवर प्रखंड की राजापुर पंचायत में विशेष शिविर का आयोजन किया गया. भोजपुर डीएम मनेश कुमार मीणा ने स्थानीय मुखिया अर्जुन सिंह के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया.
मौके पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी, बीडीओ कोईलवर, बीपीआरओ कोईलवर, कृषि पदाधिकारी कोईलवर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे.
शिविर में अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, पात्रता व आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी गई.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1402 आवास आवेदनों का किया गया निष्पादन
शिविर में बीपीआरओ कुणाल राज ने पंचायत की उपलब्धियां प्रस्तुत कीं. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान आवास योजना के प्राप्त 1568 आवेदनों में से 1402 का निष्पादन कर दिया गया है.
इसके अलावा आरटीपीएस (RTPS) के तहत जाति, आय, निवास के 101 में से 94 आवेदन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के 57 में से 55, वंशावली के 205 तथा राशन कार्ड के 115 में से 99 आवेदनों का निष्पादन किया गया. पेंशन योजना से जुड़ा एक आवेदन भी निष्पादित हुआ.
डीएम ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, शिविर में हुआ 'मन की बात' का प्रसारण
शिविर में विभिन्न विभागों के कर्मियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और आवेदन प्राप्त किए. स्वास्थ्य विभाग ने टीबी जागरूकता शिविर लगाकर लोगों को लक्षण, जांच व उपचार की जानकारी दी.
जीविका दीदियों ने स्वयं सहायता समूह के लाभ बताए. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण भी किया गया.
लाइब्रेरी और पार्क का निरीक्षण और पौधारोपण
शिविर के बाद डीएम मनेश कुमार मीणा ने पंचायत सरकार भवन परिसर स्थित लाइब्रेरी और पार्क का निरीक्षण किया.
उन्होंने लाइब्रेरी में पुस्तकों की जानकारी ली और संसाधनों की कमी दूर करने का आश्वासन दिया. इसके उपरांत डीएम ने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया.
फोरलेन पर जाम की समस्या से डीएम को कराया अवगत
कार्यक्रम के बाद कोल्हरामपुर गांव निवासी निर्मल कुमार घायल सहित अन्य ग्रामीणों ने डीएम से मिलकर कोईलवर-छपरा फोरलेन पर लगने वाले जाम की समस्या रखी.
ग्रामीणों ने सिक्सलेन के निर्माण की स्थिति में उसकी दो लेन को सुरक्षित आवाजाही के लिए खोलने की मांग की.
डीएम ने संबंधित अधिकारियों से विचार-विमर्श कर समाधान का आश्वासन दिया. शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, प्रतिनिधि व कर्मी मौजूद थे.
