Bharat Tiwari Encounter Case: भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में आयोजित महापंचायत के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिला. हजारों लोगों की मौजूदगी में जब भरत तिवारी के पिता मंच पर पहुंचे, तो बेटे को याद करते हुए खुद को संभाल नहीं सके.
भरत के पिता काशीनाथ तिवारी ने कहा कि उनका बेटा भरत देशभक्त था. वह हमेशा गांव, समाज और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए खड़ा रहता था. लोगों की समस्याओं को उठाना ही उसकी पहचान थी. यहां खड़े हर युवा में मुझे भरत तिवारी मेरा बेटा नजर आ रहा है. इतना कहते-कहते उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और वे मंच पर ही फूट-फूटकर रोने लगे.
कुछ देर के लिए भावुक हो गया माहौल
ग्राउंड जीरो पर पहुंचे राजकमल ने बताया कि भरत के पिता के भावुक होने के बाद महापंचायत में मौजूद लोग भी भावुक नजर आए. कुछ देर के लिए पूरा माहौल गमगीन हो गया. हालांकि, भीड़ लगातार “भरत तिवारी अमर रहे” के नारे लगाती रही. लोगों ने भरत को न्याय दिलाने की मांग दोहराई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
महापंचायत में जुटी हजारों की भीड़
भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में आयोजित इस महापंचायत में हजारों लोग पहुंचे हैं. भोजपुर के अलावा आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी लोग कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे. महापंचायत का मुख्य मुद्दा भरत तिवारी को न्याय दिलाना और एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराना है.
प्रशांत किशोर ने परिवार से की मुलाकात
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी महापंचायत में शामिल हुए. कार्यक्रम से पहले उन्होंने भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया. उन्होंने परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और मामले की जांच को लेकर अपनी बात रखी.
जांच को लेकर उठाए सवाल
महापंचायत को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जांच केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री की भूमिका की जांच होगी या नहीं? उस एसटीएफ अधिकारी की जांच होगी या नहीं, जिस पर आदेश देने का आरोप है? उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए.
भाई चंदन ने क्या मांग की?
भरत तिवारी के भाई चंदन ने कहा कि उनके भाई बाढ़ पीड़ितों और गांव के लोगों की समस्याओं के लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे. उन्होंने मांग की कि जिन मुद्दों को लेकर भरत आवाज उठा रहे थे, उन्हें जल्द पूरा किया जाए. साथ ही एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए.
देशभर से पहुंचे लोगों ने जताया समर्थन
महापंचायत में शामिल लोगों ने भी भरत तिवारी के समर्थन में अपनी बात रखी. नालंदा से पहुंचे मन्नु यादव ने कहा कि भरत का बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणा है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. वहीं दिल्ली से पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता रवीश भारद्वाज ने कहा कि जिस गांव की समस्याओं को लेकर भरत संघर्ष कर रहे थे, वहां विकास कार्य और सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए.
न्याय की मांग के साथ जारी है महापंचायत
बिलौटी गांव में चल रही महापंचायत का केंद्र बिंदु भरत तिवारी को न्याय दिलाना है. मंच से लगातार निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और गांव की समस्याओं के समाधान की मांग उठ रही है. फिलहाल पूरे इलाके की नजर इस महापंचायत और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.
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