बिलौटी एनकाउंटर की न्यायिक जांच में तीसरे दिन दर्ज हुए बयान, मृतक के भाई ने कार्रवाई पर जताई नाराजगी

Arrah News : भोजपुर के बिलौटी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच में गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. मृतक भरत भूषण तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई है. प्रत्यक्षदर्शी महिला ने भी आयोग के समक्ष घटना का विवरण दिया.

Arrah News : भोजपुर जिले के चर्चित बिलौटी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच के तीसरे दिन मंगलवार को भी गवाहों के बयान दर्ज किए गए. न्यायिक आयोग के अध्यक्ष और पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष मृतक भरत भूषण तिवारी के भाई चंदन तिवारी सहित दो गवाहों ने अपना पक्ष रखा. हालांकि, न्यायिक जांच की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद मृतक के परिजनों ने अब तक आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जताई है.

'27 दिन बाद भी आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हुई'

बयान दर्ज कराने के बाद मीडिया से बातचीत में चंदन तिवारी ने कहा कि घटना के 27 दिन बाद भी आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि आयोग के समक्ष घटना से जुड़े सभी तथ्य रखे गए हैं. उनका आरोप है कि आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस ने उनके भाई भरत भूषण तिवारी को गोली मारी, जो हत्या का मामला है. उन्होंने इस घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और फांसी की सजा की मांग की.

प्रत्यक्षदर्शी महिला ने भी आयोग के समक्ष रखा पक्ष

जवइनियां गांव की विस्थापित ललित देवी ने भी न्यायिक आयोग के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पूरी घटना अपनी झोपड़ी से देखी थी. उनके अनुसार, आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने भरत भूषण तिवारी को तीन गोलियां मारी थीं. उन्होंने आयोग से न्याय की मांग की. ललित देवी ने बताया कि आयोग के अध्यक्ष ने उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा दिया है.

अब तक सात गवाहों के बयान दर्ज, आगे भी जारी रहेगी सुनवाई

जानकारी के अनुसार, इस मामले में अब तक भरत भूषण तिवारी के माता-पिता सहित सात गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. चंदन तिवारी के अनुसार, अभी लगभग 25 अन्य लोगों की गवाही होनी बाकी है. न्यायिक आयोग के समक्ष बुधवार को भी गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे. चंदन तिवारी आयोग के समन पर दिल्ली से आरा पहुंचे हैं.

17 जून को हुई थी एनकाउंटर की घटना

गौरतलब है कि 17 जून को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस ने काशीनाथ तिवारी के पुत्र भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर किया था. घटना के दौरान भरत भूषण तिवारी फेसबुक पर लाइव थे. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में उन्हें हथियार फेंकते हुए देखा गया था, जिसके बाद लाइव प्रसारण बंद हो गया. परिजनों का आरोप है कि आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने उन्हें गोली मार दी, जबकि पुलिस की कार्रवाई को फर्जी मुठभेड़ बताया जा रहा है.

हत्या का केस दर्ज, न्यायिक आयोग कर रहा जांच

मामले में मृतक की मां आशा देवी के बयान पर जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश शर्मा, थानाध्यक्ष राजेश मालाकार सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है. आयोग पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर रहा है.

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