‘कितने भरत तिवारी को मारोगे’, न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने सरकार को घेरा

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मिलने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा पहुंचे. परिजनों से मुलाकात के बाद उन्होंने इस घटना को ‘क्लियर कट हत्या’ करार देते हुए पुलिस प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.

आरा के शाहपुर से मिथिलेश्वर प्रसाद सिन्हा की रिपोर्ट
Bharat Tiwari Encounter: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा (Supreme Court advocate Anil Mishra) अपने सहयोगियों के साथ कथित एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मिलने उनके पैतृक गांव बिलौटी पहुंचे. परिजनों से मुलाकात कर उन्होंने शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें हर संभव कानूनी मदद दिलाने का भरोसा दिया. इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने इस पूरी घटना को क्लियर कट हत्या करार दिया. उन्होंने कहा कि घटनास्थल और परिस्थितियों को देखने से यह मामला कहीं से भी पुलिस एनकाउंटर प्रतीत नहीं होता है, बल्कि यह सीधे तौर पर कानून की धज्जियां उड़ाने का मामला है.

दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत जेल भेजने की मांग

वरिष्ठ अधिवक्ता ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि इस जघन्य घटना के तुरंत बाद एनकाउंटर की टीम में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए था. उसके बाद ही इस मामले की कोई निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए थी, लेकिन प्रशासन दोषियों को बचा रहा है. अनिल मिश्रा ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस में अपने स्तर पर इतना बड़ा कदम उठाने की हिम्मत बिल्कुल नहीं थी, बल्कि ऊपर से मिले किसी विशेष आदेश के आधार पर ही इस वारदात को अंजाम दिया गया है.

भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा।

वाहन में बैठाकर गोली मारने का लगाया आरोप

उन्होंने घटना के पीछे की साजिश का दावा करते हुए कहा कि भरत तिवारी को पहले वाहन में बैठाया गया और उसके बाद बेहद करीब से गोली मारकर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई. इस अन्याय के खिलाफ जल्द ही क्षेत्र में एक बड़ी महापंचायत की बैठक बुलाई जाने वाली है, जिसमें दोषियों की त्वरित गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा. उन्होंने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “हम सब भरत तिवारी हैं, आखिर तुम कितने भरत तिवारी को मारोगे, इस हत्याकांड के असली दोषियों को तत्काल जेल भेजा जाए.”

Arrah News: दिल्ली और पटना तक आंदोलन की चेतावनी

अधिवक्ता मिश्रा ने न्यायपालिका पर अटूट विश्वास जताते हुए कहा कि हमें देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) पर पूरा भरोसा है. जब तक भरत तिवारी के लाचार परिजनों को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक हमारा यह लोकतांत्रिक आंदोलन लगातार जारी रहेगा. यदि स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई, तो जरूरत पड़ने पर इस लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए पटना और दिल्ली तक का घेराव किया जाएगा. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि एक नागरिक की इस तरह हुई संदिग्ध हत्या का जवाब राज्य सरकार और भोजपुर जिला प्रशासन को हर हाल में देना ही होगा.

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By Vikas Jha

विकाश झा डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है. स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. क्रिकेट, समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है. वे तथ्य आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने में रुचि रखते हैं.

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