ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करने और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से भोजपुर के बड़हरा प्रखंड की विशुनपुर और एकौना पंचायत में पंचायत स्तरीय सहयोग शिविर लगाया गया.
दोनों पंचायतों में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 115 आवेदन प्राप्त हुए. विशुनपुर पंचायत के सामुदायिक भवन, सेमरा में आयोजित शिविर का भोजपुर के एडीएम शशि शेखर ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
एडीएम ने काउंटरों का लिया जायजा और बांटे प्रमाण पत्र
एडीएम ने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागों के काउंटरों पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं तथा प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली. उन्होंने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों व कर्मियों को प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया.
साथ ही पात्र लाभुकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने को कहा. इस दौरान एडीएम ने चार लाभुकों के बीच जन्म प्रमाण पत्र का वितरण भी किया. पंचायत की ओर से एडीएम को बुके और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. कृषि पदाधिकारी श्याम प्रकाश समेत शिविर में मौजूद अन्य अधिकारियों को भी अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया.
विशुनपुर पंचायत में प्राप्त हुए 76 आवेदन
पंचायत सचिव निशांत अली ने बताया कि विशुनपुर पंचायत में कुल 76 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें ग्रामीण विकास विभाग तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित आवेदन अधिक रहे.
शिविर में ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर अपनी समस्याओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतों को पदाधिकारियों के समक्ष रखा.
एकौना पंचायत में सामाजिक सुरक्षा के 15 मामले
वहीं एकौना पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, एकौना गंज में आयोजित शिविर में कुल 39 आवेदन प्राप्त हुए. पंचायत सचिव सुधांशु गौतम ने बताया कि इनमें सामाजिक सुरक्षा विभाग के 15, पंचायती राज के छह, सांख्यिकी विभाग के छह, मनरेगा के पांच और ग्रामीण विकास विभाग के तीन आवेदन शामिल हैं.
इसके अलावा पीएचईडी, जीविका, आपदा और बिजली विभाग से संबंधित एक-एक आवेदन प्राप्त हुआ. शिविर में राजस्व, कृषि, सहकारिता, कल्याण, मनरेगा, बाल विकास, आपूर्ति और आवास समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी व कर्मी मौजूद रहे.
गंगा का जलस्तर बढ़ने से बीडीओ निगरानी में रहे व्यस्त
प्रखंड विकास पदाधिकारी निलेश कुमार ने बताया कि बड़हरा क्षेत्र में गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने के कारण वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण और निगरानी में व्यस्त रहे. इसी वजह से वे पंचायत स्तरीय सहयोग शिविर में उपस्थित नहीं हो सके. उन्होंने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
