Yagyavatar Swami Temple: बड़हरा प्रखंड अंतर्गत पूर्वी गुंडी पंचायत के गुंडी गांव स्थित यज्ञावतार स्वामी मंदिर परिसर में सावन माह के अवसर पर झुलनोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के माहौल में हुआ. सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया से शुरू हुआ यह उत्सव सावन पूर्णिमा तक चलेगा. इस दौरान भगवान को आकर्षक झूले पर विराजमान कर प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है.
झुलनोत्सव के शुभारंभ पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया. शाम होते ही भक्ति गीतों और भजनों की प्रस्तुति से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा. गायक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. भक्ति संगीत की धुन पर श्रद्धालु भी झूमते नजर आये.
सैकड़ों वर्षों से चली आ रही झूला झुलाने की परंपरा
यज्ञावतार स्वामी मंदिर में भगवान को झूला झुलाने की परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है. सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान को झूला झुलाते हैं और सुख-समृद्धि, शांति एवं परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं. श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन के पावन महीने में भगवान की पूजा-अर्चना और झुलनोत्सव में शामिल होने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
कजरी गीतों ने बिखेरी लोक संस्कृति की छटा
झुलनोत्सव के दौरान कजरी गायन भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा. कलाकारों ने सावन की हरियाली, प्रेम और विरह से जुड़े पारंपरिक कजरी गीतों की प्रस्तुति देकर ग्रामीण लोक संस्कृति की अनूठी छटा बिखेरी. कजरी की मधुर धुनों से मंदिर परिसर में सावन की फुहार और लोक परंपरा का रंग देखने को मिला.
आयोजकों ने बताया कि सावन पूर्णिमा तक मंदिर परिसर में प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, भजन, कजरी गायन सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. झुलनोत्सव को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है.
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