आरा : बभनगांवा की ठाकुरबाड़ी में छह दिवसीय झूलनोत्सव का भव्य शुभारंभ, हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा

बभनगांवा गांव की प्राचीन श्री ठाकुरबाड़ी एवं काली मंदिर परिसर में छह दिवसीय झूलनोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ है. पहले दिन गंगा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए. परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और आने वाले दिनों में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और झांकियां देखने को मिलेंगी.

बड़हरा प्रखंड की पश्चिमी गुण्डी पंचायत के बभनगांवा गांव स्थित प्राचीन श्री ठाकुरबाड़ी एवं काली मंदिर परिसर मे रविवार को छह दिवसीय झूलनोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ. सावन माह की पावन बेला मे आयोजित इस धार्मिक आयोजन के पहले दिन शाम को श्रद्धालुओ की मौजूदगी मे गंगा आरती की गयी. आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण मे डूब गया. .गंगा आरती का उद्घाटन मौर्या होटल, पटना के निदेशक सह जय मां काली मंदिर, बखोरापुर के अध्यक्ष बीडी सिंह एवं घांघर मठिया के महंत बैकुंठनाथ स्वामी जी महाराज ने संयुक्त रूप से किया.

आरती के पहले पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु..

आकर्षक सजावट बना आकर्षण का केंद्र

झूलनोत्सव को लेकर श्री ठाकुरबाड़ी एवं काली मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. रंग-बिरंगी रोशनी, फूल-मालाओ और अन्य सजावटी सामग्री से की गई सजावट श्रद्धालुओ के आकर्षण का केन्र्द बनी हुई है. मंदिर परिसर मे भगवान श्रीकृष्ण सहित अन्य देवी-देवताओ की आकर्षक झूला झांकी तैयार किया गया है. आने वाले दिनों में श्रद्धालु भगवान के झूले का दर्शन कर पूजा-अर्चना करेगे.

छह दिनों तक होंगे विविध धार्मिक कार्यक्रम

आयोजन समिति के अनुसार, छह दिनो तक प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानो के साथ भजन-कीर्तन एवं भजन संध्या का आयोजन किया जायेगा. अलग-अलग दिनो मे कलाकारो द्वारा भक्तिमय भजनो की प्रस्तुति दी जायेगी. मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रेम शंकर उपाध्याय उर्फ पंडित जी एवं सचिव संतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि झूलनोत्सव का शुभारंभ 23 अगस्त को गंगा आरती के साथ हुआ है. छह दिनो तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन मे श्रद्धालुओ के लिए विशेष पूजा एवं दर्शन की व्यवस्था की गई है. उन्होने कहा कि सावन माह मे झूलनोत्सव का विशेष धार्मिक महत्व है, और प्रत्येक वर्ष आसपास के ग्रामीण उत्साह के साथ इसमे भाग लेते है.

धार्मिक आस्था व सामाजिक एकता का भी प्रतीक

ग्रामीणो के अनुसार, झूलनोत्सव बभनगांवा गांव की पुरानी धार्मिक परंपरा से जुड़ा आयोजन है. सावन के पवित्र महीने मे भगवान के झूले की पूजा एवं दर्शन करने से श्रद्धालुओ को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है. साथ ही यह आयोजन गांव की सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का भी माध्यम बनता है. छह दिनो तक चलने वाले कार्यक्रम मे सभी वर्गो के लोग मिलकर आयोजन को सफल बनाने मे जुटे है.

आरती के समय जुटी श्रद्धालुओं की भीड‍.

ग्रामीणों की टोली ने तैयारियों में लिया भाग

झूलनोत्सव को लेकर ग्रामीणो की टोली लगातार सक्रिय है. मंदिर परिसर की साफ-सफाई, सजावट,रोशनी, श्रद्धालुओ के बैठने और अन्य व्यवस्थाओ को अंतिम रूप दिया गया है. आयोजन को सफल बनाने मे शिव शंकर उपाध्याय, कपिल उपाध्याय, ध्रुव नारायण ओझा, सुमन ओझा, लक्ष्मण उपाध्याय, पप्पू उपाध्याय, बिमलेश उपाध्याय, अशोक उपाध्याय, कमलेश उपाध्याय, संजय उपाध्याय, अभय उपाध्याय, अजय उपाध्याय, कुंदन उपाध्याय, लाला उपाध्याय समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण सक्रिय भूमिका निभा रहे है.छह दिनों तक चलने वाले झूलनोत्सव के दौरान बभनगांवा गांव स्थित ठाकुरबाड़ी परिसर भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक गतिविधियो का प्रमुख केंद्र बना रहेगा.


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लेखक के बारे में

By संतोष कुमार सिंह

संतोष कुमार सिंह 20 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे हैं. प्रिंट, डिजिटल और प्रमुख मीडिया ऐप्स (न्यूज प्लेटफॉर्म्स) पर काम का अनुभव रखने वाले संतोष की राजनीति, अपराध और धर्म-संस्कृति की खबरों पर पैनी नजर रहती है.

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