Arrah Shiv charcha : (दीनानाथ मिश्रा की रिपोर्ट) महागुरु महादेव की असीम कृपा तथा शिव शिष्यता के प्रणेता साहब श्री हरीन्द्रानंदजी के पावन आशीर्वाद से वैश्विक शिव शिष्य परिवार भोजपुर के तत्वावधान में धोबहा बाजार में शिव गुरु परिचर्चा सह श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया.
दीदी मां की पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में राजमणि दीदी नीलम आनंद जी की 21वीं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा शिव के गुरु स्वरूप से जुड़ने का संकल्प लिया गया. इस अवसर पर शिव शिष्य भाई उमेश जी ने कहा कि साहब श्री और दीदी मां ने एक-एक व्यक्ति को शिष्यता के सूत्र में शिव से जोड़ने का प्रयास प्रारंभ किया. उन्होंने कहा कि शिव शिष्यता मार्ग में आने वाली सभी लौकिक बाधाओं को दूर करने की बात दीदी मां द्वारा कही गई थी.
उन्होंने कहा कि घर-घर के बाबा शिव, जिन्हें भारतीय परंपरा में गुरु, आदि गुरु और गुराधिपति कहा जाता है, उनके गुरु पद से लोग विस्मृत हो गए हैं. इसलिए लोगों को यह समझाने की आवश्यकता है कि भगवान शिव आज भी गुरु हैं और परिणामदायी हैं.
मन के संकल्प से बन सकते हैं शिव शिष्य
अजय गुप्ता ने कहा कि शिव को अपना गुरु बनाने की दिशा में मात्र मन ही साधन है. व्यक्ति के मन में शिव को अपना गुरु मानने का संकल्प यदि लंबे समय तक स्थिर रहता है तो बाह्य साधनों की कोई आवश्यकता नहीं होती.
उन्होंने कहा कि साहब श्री हरीन्द्रानंद जी के ‘आओ चलें शिव की ओर’ के आह्वान को आत्मसात करने में शिव शिष्य परिवार के सभी सदस्यों ने अपना योगदान दिया. वहीं दीदी मां का जीवन भी लोगों को शिव के गुरु स्वरूप से जोड़ने के लिए प्रेरित करता रहा.
गरीबों के बीच भोजन और वस्त्र का वितरण
कार्यक्रम में विकास श्रीवास्तव, सुरेश प्रसाद, विपुल कुमार, देव कुमार, रणजीत रंजन श्रीवास्तव, अमरजीत प्रसाद, दीपक केसरी, अशोक कुमार एवं शारदा देवी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे. मंच संचालन देव कुमार ने किया.
इस अवसर पर शिव शिष्य परिवार की ओर से सभी लोगों से भगवान शिव के गुरु स्वरूप से जुड़ने की अपील की गई. साथ ही गरीबों के बीच भोजन एवं वस्त्र का वितरण किया गया. कार्यक्रम के दौरान करीब 200 लोगों ने शिव को अपना गुरु बनाने का संकल्प लिया.
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