Arrah News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है. इसी कड़ी में भोजपुर जिले के गड़हनी अंचल कार्यालय में तैनात एक राजस्व कर्मचारी को 3,500 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार कर्मी की पहचान जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है, जो अंचल कार्यालय गड़हनी, जिला भोजपुर में कार्यरत हैं. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना की मुख्यालय टीम ने निगरानी थाना कांड संख्या-074/26 के तहत यह कार्रवाई मंगलवार को की. इस अचानक हुई छापेमारी से अंचल कार्यालय में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
एड़ौरा गांव के ग्रामीण ने की थी शिकायत
ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार, 22 जून 2026 को दर्ज प्राथमिकी में एड़ौरा गांव निवासी रामदेव राम ने लिखित शिकायत की थी कि राजस्व कर्मचारी द्वारा उनके जमीन संबंधी कार्य के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है. पीड़ित ने बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने के बाद परेशान होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का मन बनाया और मामले की लिखित सूचना सीधे पटना निगरानी ब्यूरो को दे दी. इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गोपनीय तरीके से जाल बिछाया.
Bhojpur Bribery Case: DSP के नेतृत्व में हुई त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने अपनी विशेष टीम से मामले का गुप्त सत्यापन कराया, जिसमें पीड़ित द्वारा लगाए गए रिश्वत के आरोप पूरी तरह सही पाए गए. इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) गौतम कृष्ण के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (छापेमारी टीम) का गठन किया गया. इस टीम ने मंगलवार को गड़हनी अंचल कार्यालय परिसर में पूरी मुस्तैदी के साथ घेराबंदी की और जैसे ही पीड़ित ने राजस्व कर्मचारी को केमिकल लगे हुए नोट थमाए, वैसे ही टीम ने जितेंद्र कुमार को रंगे हाथ दबोच लिया.
पूछताछ के लिए पटना ले गई पुलिस
राजस्व कर्मचारी की गिरफ्तारी के तुरंत बाद निगरानी की टीम उसे अपने साथ लेकर आवश्यक पूछताछ के लिए निगरानी कार्यालय, पटना के लिए रवाना हो गई. वहां आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है. निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में आम जनता को परेशान करने वाले और रिश्वत मांगने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ इस तरह की सख्त दंडात्मक कार्रवाइयां आगे भी पूरी कड़ाई से जारी रहेंगी.
