Arrah News (नारायण त्रिपाठी): स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के दावों के बीच आरा के तरारी प्रखंड कार्यालय परिसर से एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहाँ करीब पांच वर्ष पूर्व लाखों की लागत से बनाया गया सामुदायिक शौचालय आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. रखरखाव के अभाव में यह शौचालय पूरी तरह अनुपयोगी हो चुका है, जिससे कार्यालय आने वाले लोगों और कर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
लाखों का निवेश बना सफेद हाथी
प्रखंड कार्यालय परिसर में इस सामुदायिक शौचालय का निर्माण लगभग एक लाख अस्सी हजार रुपये की लागत से किया गया था. निर्माण का उद्देश्य परिसर में आने वाले आम जन और कर्मियों को सुविधा प्रदान करना था, लेकिन वर्तमान में यह पूरी तरह बेकार पड़ा है.
क्या हैं बदहाली की वजहें?
पिछले कई वर्षों से शौचालय का दरवाजा टूटा हुआ है, वहीं गंदगी के कारण यह वर्तमान में उपयोग करने योग्य नहीं रह गया है. इसलिए परिसर में शौचालय होने के बावजूद लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं.
महिला कर्मियों और आम जनता को भारी परेशानी
प्रखंड कार्यालय परिसर में ही निर्वाचनकार्यालय और बाल विकास परियोजना कार्यालय संचालित होते हैं. इन कार्यालयों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला कर्मी कार्य करते हैं, साथ ही सैकड़ों ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर यहाँ पहुँचते हैं. सामुदायिक शौचालय के बंद और बदहाल रहने के कारण विशेषकर महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है.
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में नाराजगी
शौचालय की इस दयनीय स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों और कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारियों ने कड़ा रोष व्यक्त किया है. लोगों का कहना है कि सरकार एक तरफ स्वच्छता पर करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं प्रखंड मुख्यालय के अंदर ही बनी सरकारी संपत्ति को कबाड़ में तब्दील होने के लिए छोड़ दिया गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द शौचालय की मरम्मत कराकर इसे चालू कराया जाए.
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