Arrah News: अनुपस्थित रहना और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना भोजपुर जिले के पंचायत सचिवों को भारी पड़ गया है. जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए जिले के 86 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने बताया कि 8 अप्रैल से पंचायत सचिव अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसके कारण राज्य सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं और जनहित से जुड़े कार्य बाधित हो रहे थे.
उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों का यह आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 का उल्लंघन है और सरकारी सेवा के नियमों के प्रतिकूल है. राज्य सरकार के 15 अप्रैल के निर्देश के अनुसार, अनधिकृत रूप से अनुपस्थित या हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारियों पर ‘नो वर्क नो पे’ सिद्धांत लागू करने के साथ अनुशासनिक कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। इसी के तहत यह कार्रवाई की गई है.
आरा सदर प्रखंड के निलंबित पंचायत सचिव
अजीत कुमार सिंह, जयप्रकाश तिवारी, मुकेश कुमार ,मुकेश कुमार द्वितीय, चंदन कुमार प्रथम, दीपक कुमार दास, निसार सिद्दीकी आशुतोष कुमार ,विनीता कुमारी, मनीष राय, सुनील कुमार सिंह.
बड़हरा प्रखंड के निलंबित पंचायत सचिव
मुकेश कुमार प्रथम, पंकज कुमार ,सोनू कुमार, सुधांशु गौतम, शशि भूषण कुमार, मनीष कुमार वर्मा.
प्रशासन का रुख सख्त
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों में बाधा डालने और अनधिकृत अनुपस्थिति को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अन्य प्रखंडों की सूची भी अलग से जारी की जा रही है.
