Arrah News: विस्थापित 34 परिवारों को जमीरा में भूमि आवंटित, पुनर्वास की दिशा में प्रशासन का अहम कदम

आरा के जमीरा क्षेत्र में अतिक्रमण उन्मूलन अभियान के तहत 34 विस्थापित परिवारों को भूमि आवंटित की गई. प्रशासन ने अतिक्रमित भूमि चिन्हित कर पात्र परिवारों को स्थायी बसावट हेतु जमीन दी. यह कदम भूमिहीन परिवारों के पुनर्वास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है.

Arrah News: (नरेन्द्र सिंह की रिपोर्ट) अतिक्रमण उन्मूलन अभियान के तहत सदर अंचल अंतर्गत जमीरा क्षेत्र में 34 विस्थापित परिवारों को भूमि आवंटित की गई. यह कार्रवाई भूमिहीन परिवारों के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है.

अतिक्रमण हटाने के बाद पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी

अभियान के दौरान अतिक्रमित भूमि को चिन्हित कर प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं. इसके बाद पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार भूमि उपलब्ध कराई गई.

34 भूमिहीन परिवारों को मिला स्थायी ठिकाना

आवंटन के बाद अब 34 विस्थापित परिवारों को स्थायी बसावट की सुविधा मिलेगी. इससे इन परिवारों को आवास की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है.

प्रशासनिक टीम की रही सक्रिय भूमिका

इस पूरी प्रक्रिया में सदर अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मियों और अन्य संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई. सभी कार्य पारदर्शिता के साथ संपन्न किए गए.

सरकार की मंशा के अनुरूप पहल जारी

प्रशासन ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुसार जरूरतमंद एवं विस्थापित परिवारों को भूमि उपलब्ध कराकर उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास लगातार जारी है.

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Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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