Arrah News: (दीपक गुप्ता की रिपोर्ट) आगामी संभावित बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को लेकर सोमवार को कोईलवर प्रखंड सभागार और अंचल कार्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अपर समाहर्ता कमर आलम ने की. बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए.
सभी विभागों को सतर्क रहने का निर्देश
बैठक के दौरान अपर समाहर्ता ने सभी विभागों को आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी तरह सतर्क एवं तैयार रहने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी परिस्थिति में आम लोगों को परेशानी न हो.
मनरेगा कार्यस्थलों पर पेयजल व्यवस्था अनिवार्य
मनरेगा कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी कार्यस्थलों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. वहीं बिजली विभाग को पुराने और जर्जर तारों को बदलने तथा आपदा के दौरान त्वरित विद्युत सेवा बहाल रखने के निर्देश दिए गए। श्रम विभाग को मजदूरों से संबंधित समस्याओं के शीघ्र समाधान का आदेश दिया गया.
सहयोग शिविर और राहत तैयारियों की समीक्षा
अपर समाहर्ता ने आगामी 2 जून को आयोजित होने वाले सहयोग शिविर की तैयारियों की भी समीक्षा की. उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया. पीएचईडी विभाग को जल संकट वाले क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने तथा पंचायती राज विभाग को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा गया.
अंचल कार्यालय में आयोजित बैठक में बाढ़ पूर्व तैयारियों, राहत एवं बचाव कार्यों, कमजोर तटबंधों की स्थिति, नावों की उपलब्धता, मेडिकल सुविधा, पशु चारा, शरण स्थलों एवं आपदा के समय त्वरित राहत पहुंचाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी” : कमर आलम
अपर समाहर्ता कमर आलम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को दें.
वहीं उपप्रमुख, कोईलवर ने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से बाढ़ जैसी आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सकता है. उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में जमीनी निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया.
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अंचलाधिकारी प्रियंका कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी बीर बहादुर पाठक, डीएसपी रणजीत कुमार सिंह, कोईलवर थानाध्यक्ष नरोतम चंद्र, चांदी थानाध्यक्ष राकेश कुमार रौशन, बबुरा थानाध्यक्ष संजय कुमार सहित कई विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.
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