Arrah News: (नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट) जिले में ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन, परिमार्जन रेक्टिफिकेशन एवं परिमार्जन डिजिटाइजेशन से संबंधित मामलों के निष्पादन में शिथिलता बरतने वाले 25 राजस्व कर्मियों के विरुद्ध जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने सख्त कार्रवाई की है.
ऑनलाइन दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन पोर्टल पर लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि संबंधित राजस्व कर्मियों के लॉगिन पर म्यूटेशन, डिफेक्ट चेक, परिमार्जन, परिमार्जन रेक्टिफिकेशन एवं परिमार्जन डिजिटाइजेशन से जुड़े बड़ी संख्या में आवेदन बिना किसी ठोस कारण के लंबित रखे गए हैं.
एक सप्ताह में मांगा गया स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी ने इसे आम नागरिकों एवं भू-धारियों को उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन राजस्व सेवाओं के प्रति उदासीनता तथा कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही का गंभीर मामला मानते हुए संबंधित राजस्व कर्मियों से वादवार स्पष्टीकरण एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. साथ ही लंबित दाखिल-खारिज, परिमार्जन, परिमार्जन रेक्टिफिकेशन एवं परिमार्जन डिजिटाइजेशन मामलों के समयबद्ध निष्पादन में विफल रहने के कारण उनका वेतन अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है.
इन अंचलों के कर्मियों पर गिरी गाज
कार्रवाई की जद में चरपोखरी अंचल से 1, सहार से 1, उदवंतनगर से 2, गड़हनी से 1, बिहिया से 2, संदेश से 1, तरारी से 1, कोइलवर से 1, पीरो से 1, शाहपुर से 2, आरा सदर से 5, अगिआंव से 2 तथा बड़हरा अंचल से 5 राजस्व कर्मी शामिल हैं.
जवाबदेही तय कर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन, परिमार्जन रेक्टिफिकेशन एवं परिमार्जन डिजिटाइजेशन से संबंधित मामलों का त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.
उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से आवेदनों को लंबित रखने वाले कर्मियों एवं पदाधिकारियों के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जिलाधिकारी ने सभी संबंधित राजस्व कर्मियों को लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
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