आरा सदर प्रखंड में मिनता देवी ने बचाई कुर्सी, अविश्वास प्रस्ताव खारिज

Arrah News: आरा सदर प्रखंड प्रमुख मिनता देवी ने अविश्वास प्रस्ताव को बहुमत से हराकर अपनी कुर्सी बचा ली. 27 में से 18 पंचायत समिति सदस्यों ने उनका समर्थन किया. इस पूरे घटनाक्रम में समाजसेवी पुतुल सिंह की रणनीतिक भूमिका चर्चा में रही. समर्थकों ने जीत पर मिठाई बांटकर और माला पहनाकर खुशी जताई.

Arrah News: (मिथिलेश कुमार की रिपोर्ट) आरा सदर प्रखंड प्रमुख मिनता देवी एक बार फिर अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहीं. कोर्ट के आदेश के बाद लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर शनिवार को हुई चर्चा के दौरान 27 पंचायत समिति सदस्यों में से 18 सदस्यों ने उनके पक्ष में समर्थन जताया. बहुमत मिलने के बाद अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया और मिनता देवी लगातार प्रखंड प्रमुख पद पर बनी रहीं.

पुतुल सिंह की रणनीति रही चर्चा में

इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में समाजसेवी पुतुल सिंह एक बार फिर ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आए. राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि पंचायत समिति सदस्यों को एकजुट रखने और अविश्वास प्रस्ताव को विफल करने में उनकी रणनीतिक भूमिका अहम रही. परिणाम आने के बाद पुतुल सिंह के आवास पर प्रमुख मिनता देवी, पंचायत समिति सदस्यों, कई मुखियाओं और समर्थकों का जमावड़ा लगा. वहां समर्थकों ने मिनता देवी को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी.

कई जनप्रतिनिधियों ने निभाई अहम भूमिका

अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कराने में पंचायत समिति सदस्यों के अलावा कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भी सक्रिय भूमिका रही. इनमें जिला परिषद सदस्य धनंजय यादव, पूर्व मुखिया विजय यादव, मुखिया वीर बहादुर यादव, संजय सिंह, भारत यादव, संजय यादव, योगेंद्र यादव, मंटू सिंह, सनी सिंह, शेरू यादव, राजेश सिंह, अभय सिंह, अवि सिंह, जितेंद्र यादव, पप्पू यादव, दिलीप ठाकुर और जितेंद्र पांडेय समेत कई लोग शामिल रहे.

पंचायत समिति सदस्यों ने जताया भरोसा

प्रमुख मिनता देवी के समर्थन में उप प्रमुख सूर्य प्रताप सिंह सहित कई पंचायत समिति सदस्य मौजूद रहे. समर्थकों ने कहा कि जाति-पाति से ऊपर उठकर पंचायत में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से मिनता देवी के नेतृत्व पर दोबारा भरोसा जताया गया है.

पहले भी निर्णायक रही है पुतुल सिंह की भूमिका

सदर प्रखंड की राजनीति में पुतुल सिंह की भूमिका पहले भी अहम मानी जाती रही है. राजनीतिक जानकारों के अनुसार, जय कुमारी देवी को प्रमुख बनाने से लेकर बाद में उन्हें पद से हटाने तक की राजनीति में उनकी रणनीति प्रभावी रही. इसके बाद 17 जुलाई 2025 को मिनता देवी को प्रमुख और सूर्य प्रताप सिंह को उप प्रमुख बनवाने में भी उनकी भूमिका चर्चा में रही थी. अब एक बार फिर अविश्वास प्रस्ताव के दौरान उन्होंने मिनता देवी की कुर्सी बचाकर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित की है.

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Published by: Nikhil Anurag

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