Vibhajan Vibhishika Smriti Diwas: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आरा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री सह श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण तथा युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही. कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 1947 के विभाजन की विभीषिका की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर की गयी. इस दौरान विभाजन के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी.
विभाजन की त्रासदी पर दिखाई गयी डॉक्यूमेंट्री
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 1947 के विभाजन की मानवीय त्रासदी, विस्थापन और लोगों की पीड़ा को दर्शाती मार्मिक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया. डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से उस दौर की परिस्थितियों और विभाजन के कारण लोगों को झेलनी पड़ी कठिनाइयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से इतिहास के उस पीड़ादायक अध्याय को याद किया.
राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव मजबूत करने पर जोर
डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन के बाद प्रभारी मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस इतिहास के उस पीड़ादायक अध्याय को स्मरण करने का अवसर है. यह दिवस हमें राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है. उन्होंने कहा कि भारत की विविधता में एकता देश की सबसे बड़ी शक्ति है. आपसी भाईचारे और सौहार्द की भावना को मजबूत करते हुए देश की प्रगति में सभी को योगदान देना चाहिए.
डीएम ने कहा- इतिहास से सीख लेकर बनाएं सशक्त भारत
जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस इतिहास से सीख लेते हुए एकता, सद्भाव और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर है. उन्होंने कहा कि अतीत को याद करते हुए हमें एक सशक्त, समावेशी और एकजुट भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए.
दीप प्रज्वलित कर पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के अंत में प्रभारी मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, जिला परिषद अध्यक्ष आशा देवी, जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया सहित उपस्थित अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर विभाजन की विभीषिका के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान उपस्थित लोगों ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का संदेश दिया.
अधिकारी, छात्र-छात्राएं और अन्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, आरा सदर अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक समाहर्ता, डीआरडीए के निदेशक, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मी मौजूद रहे. इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अन्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए.
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