आरा.
बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री संतोष सिंह नौ मई को पटना में होनेवाले राणा-भामाशाह सम्मेलन के लिए निमंत्रण देने आरा पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ सम्मेलन की तैयारी पर बैठक की. श्रम संसाधन मंत्री ने कहा कि नौ मई को बापू सभागार पटना में महाराणा प्रताप और भामाशाह के संबंध को जीवंत रखने के लिए राणा-भामाशाह सम्मेलन का आयोजन देश में पहली बार बिहार में होने जा रहा है. यह सम्मेलन देश में पहले हो जाना चाहिए था, जहां देश के स्वाभिमान की बात आती है, वहां महाराणा प्रताप का पहले नाम आता है और जहां देश के लिए महादान और संबंध की बात आती है, वहां भामाशाह का नाम आता है. अतीत की जानकारी नयी पीढ़ी को होना जरूरी है. अपने राष्ट्र को सर्वोपरी रख कर स्वाभिमान के साथ कोई समझौता न करते हुए इन दोनों महापुरुषों का संबंध अतुलनीय और ऐतिहासिक है. कहा कि अपनी भारतीय संस्कृति और सामाजिक सद्भावना का प्रतिक है यह सम्मेलन ऐतिहासिक होगा. उक्त सम्मेलन में पूरे बिहार से लोग पहुंच रहे हैं. बापू सभागार ही नहीं, अपितु पूरा पटना पट जायेगा. शाहाबाद की धरती बाबू कुंवर सिंह की वीर धरती है और वीरो का सम्मेलन या कार्यक्रम हो और शाहाबाद की भागीदारी न हो, तो उस कार्यक्रम का कोई महत्व नहीं है. मंत्री ने जाति जनगणना के प्रश्न पर कहा कि प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल का जाति जनगणना का निर्णय राष्ट्रहित में लिया गया निर्णय है. केंद्र की मोदी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास से विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प ले चुकी है. 2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को कोई लाभ नहीं मिलने वाला है. मंत्री ने पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा की और कहा कि सरकार इसका बदला जरूर लेगी. कार्यक्रम में पूर्व विधायक संजय सिंह टाइगर, पूर्व जिला महामंत्री श्रीभगवान सिंह,पूर्व जिला उपाध्यक्ष आदित्य विजय प्रताप सिंह,भाजपा नेता गुड्डू सिंह बबुआन, रामदिनेश यादव, पूर्व युवा मोर्चा अध्यक्ष प्रकाश सिंह,संजय कुमार सिंह, किरण सिंह, मनीष प्रभात, राहुल सिंह, कामेश्वर सिंह, पूर्व मुखिया विजय सिंह सहित भाजपा कार्यकर्ता और जनता शामिल थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
