पीरो के स्कूल में विषाक्त मध्याह्न भोजन खाने से 48 से ज्यादा स्कूली बच्चे बीमार, आधा दर्जन बच्चे गंभीर

घटना के बाद मची अफरा तफरी, पीरो अस्पताल पहुंचे जिला शिक्षा पदाधिकारी व अन्य अधिकारी

पीरो.

पीरो प्रखंड के मध्य विद्यालय खननीकलां में गुरुवार को विषाक्त मध्याह्न भोजन खाने से 48 से अधिक बच्चे बीमार हो गये. बीमार सभी बच्चों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पीरो में दाखिल कराया गया है. इनमें कंचन कुमारी, अंजली कुमारी, धनवंती कुमारी, काजल कुमारी, आयुष कुमार, राहुल कुमार, प्रीति कुमारी सहित कुछ अन्य बच्चों की स्थिति नाजुक बनी हुई है. भोजन में मरी हुई छिपकली गिरे होने की बात सामने आयी है.

विद्यालय के प्रधानाध्यापक गुप्तेश्वर राम ने बताया कि यहां सुप्रभात सोशल वेल्फेयर सोसाइटीज नाम की एनजीओ से मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है. जानकारी के अनुसार गुरुवार को एनजीओ ने चावल और दाल तड़का उपलब्ध कराया था. रोज की तरह बच्चों को भोजन परोसा गया, लेकिन कुछ देर बाद उनमें से एक बच्ची को मुंह से गाज फेंकते देखकर गांव वाले उसे उठाकर विद्यालय ले आये, जहां उक्त बच्ची की हालत देखकर भोजन करनेवाले दूसरे बच्चे भी उल्टी-दस्त करने लगे. देखते-ही-देखते उन बच्चों की स्थिति खराब होने लगी. भोजन की जांच के क्रम में पाया गया कि चावल वाले बर्तन में पहले से नीचे मरी हुई छिपकली पड़ी है, जो चावल के साथ पूरी तरह उबल गयी थी.

स्कूल सहित गांव में मची अफरातफरी :

विषाक्त भोजन खाने से बच्चों के बीमार होने की खबर फैलते ही अफरा तफरी का माहौल काय हो गया. एक ओर उक्त विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों का हाल जानने के लिए भागकर विद्यालय पहुंचे. वहीं इस खबर से प्रशासनिक महकमे में भी हड़कंप की स्थिति कायम हो गयी. इस दौरान विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनोज सिंह ने तत्काल पीरो से एंबुलेंस मंगाकर बीमार बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पीरो पहुंचाया. कुछ बच्चों को बीइओ स्वयं अपनी गाड़ी से अस्पताल ले गये. पीरो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल 48 बच्चों को भर्ती कराया गया, जिसमें आठ की स्थिति नाजुक बनी हुई थी. इधर घटना की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी मानवेंद्र कुमार राय पीरो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे व बीमार बच्चों से मिलकर उनका हालचाल पूछा. देर शाम तक अधिकतर बच्चों की स्थिति सामान्य हो गयी थी. जबकि कंचन कुमारी, अंजली कुमारी, धनवंती कुमारी, आयुष कुमार, राहुल कुमार और प्रीति कुमारी का इलाज स्थानीय चिकित्सकों की देखरेख में किया जा रहा था. पीरो के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ रवि कुमार ने बताया कि विषाक्त भोजन खाने के बाद तबीयत बिगड़ने की शिकायत के साथ अस्पताल आये अधिकतर बच्चों की स्थिति सामान्य है और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेजा जा रहा है. करीब आधा दर्जन बच्चों की हालत थोड़ी खराब थी जिनका उपचार यहां आते ही तत्काल शुरू कर दिया गया था. फिलहाल इन सभी बच्चों की भी हालत ठीक है. इस घटना में गंभीर रूप से बीमार काजल कुमारी नामक एक छात्रा का इलाज उसके परिजनों द्वारा किसी निजी क्लिनिक में कराया जा रहा है. बता दें कि पीरो प्रखंड में पूर्व में भी एमडीएम के माध्यम से खराब भोजन छात्रों को परोसे जाने और छात्र-छात्राओं के बीमार होने के मामले घटित हो चुके हैं, लेकिन सरकारी विद्यालयों में एमडीएम की आपूर्ति करनेवाली एनजीओ के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पायी है. इस घटना को लेकर छात्र छात्राओं के अभिभावकों और आम ग्रामीणों में भी काफी आक्रोश देखा गया. बीमार बच्चों को देखने पीरो अस्पताल पहुंचे जिला शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष भी भाकपा माले नेता मनीर आलम समेत कई अन्य लोगों ने एमडीएम की गुणवत्ता में सुधार और ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेवारी तय करते हुए ठोस करवाई की मांग की.

क्या कहते डीइओ

मध्याह्न भोजन में छिपकली गिरे होने के मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जायेगी. इसमें जो भी दोषी पाये जायेंगे उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी.

मानवेन्द्र कुमार राय, डीइओ भोजपुर

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Author: DEVENDRA DUBEY

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