आरा: राज्यपाल को मांगपत्र नहीं सौंप पाने पर आइसा का फूटा गुस्सा, छात्रों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन

Arrah News : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में छात्र संगठन आइसा ने राज्यपाल को छात्रों की ज्वलंत समस्याओं पर 23 सूत्री मांगपत्र सौंपने का प्रयास किया. मांग पूरी न होने पर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन कर नाराजगी जताई.

Arrah News : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित छात्र-शिक्षक संवाद कार्यक्रम के दौरान बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल अता हसनैन के आगमन पर छात्र संगठन आइसा ने छात्रों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर 23 सूत्री मांगपत्र सौंपने का प्रयास किया. हालांकि, आइसा का आरोप है कि राज्यपाल का काफिला विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से बिना रुके सीधे निकल गया और उन्होंने छात्रों का मांगपत्र स्वीकार नहीं किया.

इसके विरोध में संगठन के नेताओं और उपस्थित छात्र-छात्राओं ने बांह पर काली पट्टी दिखाकर उग्र विरोध प्रदर्शन किया तथा जमकर नारेबाजी की. आइसा के अनुसार, दर्जनों छात्र नेता और सैकड़ों छात्र-छात्राएं पूरी तरह शांतिपूर्वक विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर राज्यपाल के आगमन का इंतजार कर रहे थे.

संगठन का कहना है कि मांगपत्र स्वीकार नहीं किए जाने से छात्रों में भारी नाराजगी फैल गई, जिसके बाद प्रदर्शनकारी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन और कुलपति कार्यालय की ओर तेजी से बढ़ गए.

पुलिस और छात्रों के बीच हुई तीखी नोकझोंक

इस दौरान वहां मुस्तैद पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और छात्रों के बीच कुछ देर तक तीखी नोकझोंक भी हुई. हालांकि, छात्र अपनी मांगों को लेकर अंत तक डटे रहे और विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते रहे. आइसा नेताओं ने गंभीर आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में नामांकन, परीक्षा, परिणाम, छात्रावास, छात्रवृत्ति, प्रमाण-पत्र वितरण, शोध कार्य सहित छात्रहित से जुड़े कई बड़े मुद्दे लंबे समय से लंबित पड़े हैं.

आइसा ने गिनाईं लंबित मांगें

इन्हीं समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग को लेकर 23 सूत्री मांगपत्र तैयार किया गया था. संगठन की प्रमुख मांगों में यूजी में सीजीपीए की अनिवार्यता समाप्त करना, पीएचडी पर मिलने वाले 30 एपीआई स्कोर को पुनः लागू करना, छात्राओं का निःशुल्क नामांकन सुनिश्चित करना, नई शिक्षा नीति (एनईपी) और सीबीसीएस प्रणाली को वापस लेना तथा छात्र संघ चुनाव कराना शामिल है.

मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

इसके अलावा, विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों में जीएसकैश लागू करने, आधुनिक प्रिंटिंग प्रेस की स्थापना, शोधार्थियों को समय पर फेलोशिप देने, लंबित प्रमाण-पत्रों का शीघ्र वितरण करने, सरकारी डेटा बैंक की स्थापना, छात्रावासों का विस्तार करने, एलएलबी, एलएलएम एवं पत्रकारिता की पढ़ाई शुरू करने, सीटों में वृद्धि तथा नियमित कक्षाओं का संचालन करने की मांग भी शामिल है.

आइसा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि छात्र-छात्राओं की इन मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन एवं राज्य सरकार की होगी. इस विरोध प्रदर्शन में आइसा के जिला अध्यक्ष विकास कुमार, जिला सचिव जयशंकर प्रसाद, जिला सहसचिव चंदन दास, रौशन कुशवाहा, साहिल अरोरा, राजेश कुमार, सुमित कुमार, अनूप कुमार, गौतम यादव, विराट, विवेक, रोहन, महिला नेत्री नीतू कुमारी, मुस्कान कुमारी, वर्षा, अनिता, हांशिका सहित बहुत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे.

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By Ashutosh pandey

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