दोषी को कोर्ट से सुनायी गयी आजीवन कारावास की सजा

25 मई, 2021 को पीरो थाने क्षेत्र के बलुआ टोला में धर्मेंद्र पासवान की गोली मारकर की गयी थी हत्या

आरा.

हत्या के एक मामले में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह एससी-एसटी के विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार पांडा ने शुक्रवार को विधि विरुद्ध बालक को उम्रकैद की सजा सुनायी. फैसला में अच्छे आचरण पर रिहाई की गुंजाइश की भी बात कही गयी है. कोर्ट ने सीसीएल के खिलाफ एक लाख दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

जुर्माने की रकम मृतक की पत्नी को दी जायेगी. एससी-एसटी के विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 25 मई, 2021 की शाम सात बजे पीरो थाने के धर्मेंद्र पासवान बलुआ टोला में वाहा पुल के उत्तर में शौच के लिए गया था. इसी दौरान विधि विरुद्ध दोषी ने उसे गोली मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया. गोली लगने के बाद जख्मी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पीरो और फिर बिक्रमगंज के एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन 26 मई, 2021 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. 17 दिसंबर, 2024 को विधि विरुद्ध बालक के खिलाफ आरोप का गठन किया गया था. कोर्ट में अभियोजन की ओर से सात गवाहों की गवाही हुई थी. कोर्ट ने प्रभात कुमार बनाम मध्य प्रदेश राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक डिसिजन सहित अलग-अलग ऊपरी अदालतों के फैसला का हवाला के आधार पर विधि विरुद्ध बालक को रिहाई की संभावना के साथ उक्त सजा सुनायी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By DEVENDRA DUBEY

DEVENDRA DUBEY is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >