गैर इरादतन हत्या के मामले में पिता पुत्र समेत सात आरोपितों को 10-10 वर्षों की सजा

तीन फरवरी, 2013 को तियर थानांतर्गत खरौना गांव में हुई थी घटना

आरा.

हत्या के एक मामले में एडीजे -13 आदित्य सुमन ने बुधवार को गैर इरादतन हत्या करने का दोषी पाते हुए पिता पुत्र समेत सात आरोपितों को दोषी पाते हुए 10-10 वर्षों का सश्रम कैद एवं प्रत्येक को 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. अभियोजन की ओर से एपीपी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने बहस किया था. अपर लोक अभियोजक ने बताया कि आपसी विवाद को लेकर तीन फरवरी, 2013 को तियर थानांतर्गत खरौना गांव निवासी रामचंद्र पासवान के घर में घुसकर उसी गांव के आरोपित कृष्णा पासवान समेत सात आरोपितों ने उसे व उसके परिवार को लाठी, लोहे के रॉड व गड़ासा से मारकर जख्मी कर दिये थे. इलाज के दौरान चार अप्रैल को रामचंद्र पासवान की मौत हो गयी थी. घटना को लेकर उक्त आरोपितों समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. घटना का कारण आपसी विवाद बताया गया था. अभियोजन की ओर से कोर्ट में पांच गवाहों की गवाही हुई थी, जहां सभी दोषी पाये गये. सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद एडीजे – 13 सुमन ने गैर इरादतन हत्या करने का दोषी पाते हुए कृष्णा पासवान, अनिल पासवान, सुनील पासवान, नरेश पासवान, कमलेश पासवान, सुदर्शन पासवान व लक्ष्मण राम को उक्त सजा सुनायी.

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By DEVENDRA DUBEY

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