जिले में एमडीए मेगा कैंप का किया गया आयोजन

811000 योग्य व्यक्तियों को दवा खिलाने का है लक्ष्यदवा सेवन के बाद चक्कर आदि आना शुभ संकेत

आरा.

जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए मेगा कैंप का आयोजन किया गया. इस अवसर पर सीएचओ एवं सीएचओ, पीएसपी सदस्यों में मुखिया, जीविका सीएम, सीएनआरपी एवं वार्ड सदस्य तथा रोगी हितधारक मंच के सदस्यों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया.

मेगा कैंप के दौरान समुदाय के लोगों ने बूथ पर पहुंचकर डीइसी एवं एल्बेंडाजोल दवा का सेवन किया. रोगी हितधारक मंच के सदस्यों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा लोगों को फाइलेरिया बीमारी के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें समझा-बुझाकर बूथ तक लाने और दवा सेवन कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. जिले के 14 प्रखंड अंतर्गत 15 इम्प्लीमेंटेशन यूनिट के तहत 1622 मेगा कैंप संचालित किये जा रहे हैं. मेगा कैंप के तहत 8,11,000 योग्य व्यक्तियों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है. मेगा एमडीए कैंप का आयोजन के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र पर बूथ लगा कर जीविका कर्मियों एवं उनके परिवार के लोगों के साथ दवा खिलायी जा रही है. फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित है. रक्तचाप, शुगर, अर्थराइटिस या अन्य सामान्य रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को भी ये दवाएं खिलायी जा रही हैं. सामान्य लोगों को इन दवाओं के खाने से किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते हैं. अगर किसी को दवा खाने के बाद मितली, चक्कर जैसे लक्षण होते हैं तो यह शुभ संकेत है. इसका मतलब है कि है कि उस व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद हैं. दवा खाने के बाद मर रहे हैं. कार्यक्रम के दौरान किसी लाभार्थी को दवा सेवन के पश्चात किसी प्रकार की कोई कठिनाई प्रतीत होती है, तो उससे निपटने के लिए हर ब्लॉक में रैपिड रेस्पोंस टीम तैनात की गयी है तथा जिला में कंट्रोल रूम की स्थापना किया गया है.

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By DEVENDRA DUBEY

DEVENDRA DUBEY is a contributor at Prabhat Khabar.

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