Arrah News: (नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट) जिले के उदवंतनगर प्रखंड के मसाढ़ गांव में समेकित एक्वा पार्क के निर्माण का शिलान्यास किया गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि समेकित एक्वा पार्क के साथ भोजपुरवासियों को इको टूरिज्म की सुविधा मिलेगी. उन्होंने कहा कि यह बहुत सही स्थान है. दोनों तरफ से फोरलेन और रेल मार्ग की सुविधा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर कुंवर सिंह की पावन धरती पर केंद्रीय मत्स्य मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने इस योजना का चयन किया. वह चाहते तो इसे अपने लोकसभा क्षेत्र में ले जा सकते थे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सपनों को बिहार में उतारा जा रहा है. प्रधानमंत्री एवं नीतीश कुमार के नेतृत्व में मछली उत्पादन काफी बढ़ा है. उन्होंने कहा कि यह वीर कुंवर सिंह की पवित्र धरती है, जहां 80 वर्ष में जवानी अंगड़ाई लेती है. इसका विकास हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है और मेरा पूरा ध्यान केंद्रित रहेगा.
भगवान विश्वामित्र के नाम पर बनेगा मरीन ड्राइव
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वामित्र के नाम पर मरीन ड्राइव बनाया जाएगा. इसे मनेर से बक्सर तक बनाया जाएगा. पहले लोग देखने के लिए मुंबई जाते थे, लेकिन अब यह सब बिहार में ही होगा. नीतीश कुमार ने पटना में इसको धरातल पर उतारा है और अब मनेर से बक्सर तक इसे विकसित किया जाएगा.
सोन नदी में बनेगा बराज
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोन नदी में मनेर के पास बराज बनाया जाएगा ताकि सोन का पानी गंगा में बहकर बर्बाद नहीं हो. उन्होंने कहा कि सोन का पानी गंगा में जाकर बर्बाद हो जाता है और लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाता. शाहाबाद को धान का कटोरा कहा जाता है. सोन नदी में बराज बनने पर शाहाबाद को सही ढंग से पानी मिल सकता है.
गर्मी की स्थिति को देखते हुए पानी के लेयर नीचे जाने की बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 75 हजार चापाकलों को ठीक कर दिया गया है. शेष बचे 5 हजार चापाकलों को भी ठीक कर दिया जाएगा.
सोलर अपनाने का किया आग्रह, यहां सस्ती मिलती है बिजली
मुख्यमंत्री ने लोगों से सोलर सिस्टम अपनाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष योजना के तहत नीतीश कुमार के समय से बिहार में सोलर से बिजली उत्पादन किया जा रहा है. इसमें नीचे मछली का पालन किया जाता है और पानी से सिंचाई का भी कार्य हो रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार में सबसे अधिक एवं सस्ती बिजली मिलती है. अब पीक आवर के अनुसार बिजली की घटती-बढ़ती दरों को भी ठीक किया जाएगा ताकि लोगों को सुविधा हो सके और परेशानी नहीं झेलनी पड़े.
स्वत: निलंबित हो जाएंगे अधिकारी
सहयोग शिविर की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 दिनों में लोगों की समस्याओं का समाधान करना है. यदि 10 दिनों में समाधान नहीं हुआ तो 11वें दिन नोटिस दिया जाएगा. 20 दिनों में काम नहीं हुआ तो 21वें दिन फिर नोटिस दिया जाएगा. यदि 30 दिनों तक लोगों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अधिकारी को स्वत: निलंबित माना जाएगा. उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों से कह दिया गया है कि “ना स्वयं सोना है और ना सोने देना है.”
106 प्रतिशत बढ़ा है मछली का उत्पादन
केंद्रीय पंचायती राज, पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि बिहार में पहले की तुलना में 106 प्रतिशत मछली उत्पादन बढ़ा है. अब बिहार मछली के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं है बल्कि अन्य राज्यों को मछली की आपूर्ति कर रहा है.
उन्होंने कहा कि 2014 के पहले बिहार में मात्र 97 लाख टन मछली का उत्पादन होता था. 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद 197.75 लाख टन मछली का उत्पादन हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मत्स्य क्षेत्र को इतना महत्व दिया कि कृषि मंत्रालय से अलग करके मत्स्य मंत्रालय का गठन किया तथा इसके लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया. उन्होंने कहा कि बिहार में मात्र 3.5 लाख टन मछली का उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर 29.6 लाख टन हो गया है.
बिहार में हो रहा है विकास
जिले के प्रभारी मंत्री सह कला, संस्कृति एवं युवा मामलों के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार ने काफी विकास किया है. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो विकास कार्य किया है, उसे सम्राट चौधरी आगे बढ़ा रहे हैं. नीतीश कुमार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को धरातल पर उतारा जा रहा है.
बिहार मछली उत्पादन में बना है ‘आत्मनिर्भर’
प्रदेश के विधि एवं उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने कहा कि बिहार मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है. भोजपुर में एक्वा पार्क बन जाने से लोगों को काफी लाभ मिलेगा. मछुआरा समाज के लोगों को रोजगार मिलेगा और इसमें कई तरह की सुविधाएं रहेंगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार का लगातार विकास होगा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं.
कार्यक्रम में संदेश विधायक राधाचरण साह, अगिआंव विधायक महेश पासवान, बरहरा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, शाहपुर विधायक राकेश ओझा, विधान पार्षद जीवन कुमार, विधान पार्षद सोनू कुमार, सांसद सुदामा प्रसाद, विधान परिषद के लिए एनडीए के प्रत्याशी रहे कन्हैया प्रसाद, तरारी के पूर्व विधायक सुनील पांडेय, मुख्य सचिव अमृत प्रत्यय, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री सचिवालय के कई अधिकारी, जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया, पुलिस अधीक्षक राज, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता एवं जिले के अन्य अधिकारी, भाजपा जिला अध्यक्ष दुर्गा राज, मदन स्नेही, जदयू के डॉ. राजेंद्र प्रसाद सहित भाजपा एवं जदयू के बड़ी संख्या में नेता उपस्थित थे.
कार्यक्रम की झलकियां
- पंडाल में खचाखच भीड़ भरी थी. हेलीपैड पर भी काफी संख्या में लोग पहुंचे थे.
- सबसे पहले अपराह्न 2:48 बजे पहला हेलीकॉप्टर पहुंचा.
- अपराह्न 3:00 बजे मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर हेलीपैड पर उतरा.
- 3:15 बजे मुख्यमंत्री मंच पर पहुंचे.
- 3:18 बजे राष्ट्रगान का गायन हुआ, सभी लोगों को खड़ा होने का आग्रह किया गया.
- 3:21 बजे राष्ट्रीय गीत का गायन हुआ, सभी लोग खड़े हुए.
- इसके बाद मुख्यमंत्री ने रिमोट से योजना का शिलान्यास किया.
- इसके बाद योजना को लेकर क्लिप चलाया गया, जिसमें योजना की जानकारी दी गई एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी योजना के बारे में बताया.
- 3:45 बजे केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने भाषण की शुरुआत की और 3:55 बजे भाषण समाप्त हुआ. कुल 10 मिनट का भाषण हुआ.
- 3:40 बजे जिले के प्रभारी मंत्री का भाषण शुरू हुआ और 3:45 बजे समाप्त हुआ. कुल 5 मिनट का भाषण हुआ.
- 3:35 बजे विधि एवं उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने भाषण की शुरुआत की और 3:40 बजे समापन हुआ. कुल 5 मिनट का भाषण हुआ.
- मुख्यमंत्री के भाषण पर कई बार तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दे रही थी.
मुख्यमंत्री को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
मुख्यमंत्री को सभा स्थल पर पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
बाणासुर के नाम पर योजना को लेकर लोगों में विरोध
बाणासुर के नाम पर योजना को लेकर लोगों में विरोध दिखाई दिया. लोगों का कहना था कि राक्षस के नाम पर इसे कैसे रखा गया. हालांकि योजना का नाम समेकित एक्वा पार्क है, लेकिन बाणासुर मत्स्य परियोजना क्षेत्र भी कहा जा रहा है.
कैसे पड़ा नाम
कहा जाता है कि द्वापर युग में राजा बलि का यहां शासन था. उनके बड़े पुत्र का नाम बाणासुर था. इसके पहले इस क्षेत्र को सोनितपुर कहा जाता था. बलि की एक पुत्री का नाम उषा था. उषा से भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र को प्रेम हो गया. इसे जानकर बाणासुर काफी आक्रोशित हुआ. इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण एवं राजा बलि तथा उनके पुत्र बाणासुर के बीच भीषण संघर्ष हुआ. दोनों भगवान श्रीकृष्ण के हाथों मारे गए. इसी कारण यह क्षेत्र बाणासुर क्षेत्र कहा जाता है. यहां उसका 52 बीघा का तालाब था और यहीं बाणासुर का अखाड़ा था, जहां वह युद्धाभ्यास करता था. इसलिए लोग इसे आज भी बाणासुर का पोखरा कहते हैं.
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