वार्ड पार्षद को समस्या से कोई मतलब नहीं अररिया. चौकिए नहीं ये जो नजारा है ये कोई नहर नहीं है, यहां पर कोई जानवर भी नहीं रहते हैं, बल्कि ये एक आवासीय इलाका है, जो शहर के बीचोबीच स्थित है. इस नजारा को देखकर आप आसानी से समझ सकते हैं कि यहां के जनप्रतिनिधि, नगर परिषद कितना गैर जिम्मेदार है, ये समस्या अभी कोई नया नहीं है. बल्कि पिछले पांच वर्षों से अधिक से ये समस्या बनी हुई है. ये जो जल जमाव व पानी का शरण, गंदगी व जान लेवा दुर्गंध है. यहां पर कभी भी कोई जान लेवा बीमारी फैल सकता है. दर असल ये नजारा नगर परिषद वार्ड संख्या 26 पोस्टमार्टम रोड के निकट इस्लाम नगर का है. यहां पर लगभग 50 घर से अधिक है. मोहल्ला वासी अपनी इस समस्या को लेकर अपने वार्ड पार्षद व नगर परिषद दर्जनों आवेदन दिया. लेकिन ऐसा लगता है कि ये मोहल्ला आज भी गुलामी की जिंदगी जीने को मजबूर है. कोई सुधि लेने वाला नहीं है, वर्षों से नाला जाम है ,जिस कारण जल निकासी नहीं होता है ,जल जमाव और उसके दुर्गंध से लोग परेशान है इतना ही नहीं कई जगह पर नाला का ढक्कन भी टूटा हुआ है. जिस पर मोहल्ला के लोग व स्कूल जाने वाले बच्चे जान जोखिम में डालकर हर दिन स्कूल व बाजार आते जाते हैं, कई लोगों की गाड़ी गिरने के कारण दुर्घटना भी हुआ है. लेकिन पता नहीं वार्ड पार्षद व नगर परिषद इस समस्या को लेकर गंभीर क्यों नहीं है. पूर्व वार्ड पार्षद मीर महताब आलम, युवा राजद नेता मीर तनवीर आलम ,सरफराज आलम के अलावा रफत आलम टिंकू,महजबी,कलानंद मंडल नौशेर आलम,अली रेजा,टेनी,मो आबिद आदि मोहल्ला वासियों ने नगर परिषद से इस समस्या के समाधान के लिए गुहार लगाई है. समाधान जल्द नहीं किया गया तो इस वार्ड में नगर परिषद व प्रतिनिधि के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की धमकी दी है. पूर्व वार्ड पार्षद ने आरोप लगाया कि नगर परिषद अररिया टैक्स वसूलने में अव्वल व जनता को सुविधा देने में फिसड्डी साबित हो रहा है. लोगों ने कहा कि शिकायत करने के बाद भी वार्ड पार्षद कभी देखने भी नहीं आता है.
जल जमाव व दुर्गंध से जीना हुआ का मुहाल
शहर के वार्ड नंबर 26 इस्लाम नगर की है ये समस्या
