कुर्साकांटा (अररिया) से दिलीप कुमार सिंह की रिपोर्ट
Vizag Steel Plant Accident: अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड अंतर्गत कुआड़ी गांव में गुरुवार को उस समय एक हृदयविदारक दृश्य सामने आया, जब विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे के शिकार मेट्रलर्जिकल इंजीनियर गोल्ड कुमार (40 वर्ष) का शव विशेष एम्बुलेंस (शव वाहन) से उनके निज निवास पर लाया गया. शव के आंगन में पहुंचते ही मृतक के माता-पिता, पत्नी और मासूम बच्चों के करुण क्रंदन से वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. इस दुखद घड़ी में पूरे गांव का चूल्हा तक नहीं जला और हर जुबां पर सिर्फ इस असमय काल के गाल में समाए होनहार युवक की ही चर्चा थी.
माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की खबर के बाद से ही सुध-बुध खो चुके परिवार के सदस्यों का शव को सामने देखकर सब्र का बांध टूट गया. मृतक के पिता चंद्रदीप साह और माता निर्मला देवी अपने इकलौते कमाऊ पुत्र के शव से लिपटकर बार-बार बेहोश हो रहे थे, जिन्हें रिश्तेदार और आस-पास की महिलाएं आंखों पर पानी के छीटें मारकर होश में लाने का प्रयास कर रही थीं. रोते-रोते मां बार-बार बस यही कह रही थी कि अभी महज 20 दिन पहले ही तो बाबू घर से यह कहकर ड्यूटी पर गया था कि ‘मां, मैं जल्दी ही वापस घर आऊंगा’, लेकिन क्या मालूम था कि वह इस रूप में लौटेगा. वहीं मृतक के बड़े भाई चंदन सोनी भी ‘अब गोल्ड कभी भैया कहकर नहीं बुलाएगा’ कहते हुए चीत्कार मारकर रो रहे थे, जिससे वहां खड़े लोगों का कलेजा मुंह को आ रहा था.
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पिता के साये से अनजान हैं दो मासूम बेटियां; पत्नी पर टूटा दुखों का पहाड़
इस पूरे हादसे में सबसे मर्मस्पर्शी स्थिति मृतक इंजीनियर की पत्नी स्वाति कुमारी और उनकी दो मासूम बेटियों की बनी हुई है. बड़ी बेटी कृति (05 वर्ष) और छोटी बेटी माया (02 वर्ष) इतनी नासमझ हैं कि वे अपनी मां और दादा-दादी को रोता देख हैरान थीं. वे इस बात से पूरी तरह अनजान हैं कि उंगली पकड़कर दुनिया दिखाने वाले और टॉफी देकर लाड लड़ाने वाले उनके पापा अब उन्हें हमेशा के लिए छोड़ चुके हैं. पति की असमय मौत से स्वाति कुमारी के सामने भविष्य का पहाड़ जैसा संकट आ खड़ा हुआ है, जिसे देख ढांढस बंधाने आई महिलाओं के आंसू भी नहीं रुक रहे थे.
प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग
शव यात्रा और सांत्वना देने पहुंचे कुआड़ी गांव के इस दुखद घटनाक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने और अंतिम दर्शन के लिए जिला परिषद सदस्य रघुनाथ सिंह, कुआड़ी की मुखिया वीणा देवी, भानु प्रताप गुप्ता, सरपंच पूजा देवी, पंचायत समिति सदस्य बिजली देवी, पूर्व सरपंच राजनारायण निराला, सियाराम यादव, पैक्स अध्यक्ष अमर कुमार सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष रामवेणी गुप्ता, अंजनी गुप्ता, राकेश गुप्ता और जितेंद्र साह समेत दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया. सभी ने ईश्वर से इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की और स्थानीय प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग उठाई.
