फारबिसगंज. फारबिसगंज नप क्षेत्र में पड़ने वाले दो सैरातों का वर्ष 2026-27 के लिए अस्थायी बंदोबस्ती के लिए खुली डाक के माध्यम से शुक्रवार को स्थानीय नगर परिषद कार्यालय में मुख्य पार्षद के कार्यालय कक्ष में नप प्रशासन द्वारा डाक की प्रक्रिया संपन्न संपन्न करायी. इस मौके पर नप ईओ रणधीर लाल, मुख्य पार्षद वीणा देवी, उप मुख्य पार्षद नूतन भारती, नप सशक्त स्थायी समिति सदस्य मो इस्लाम, गणेश प्रसाद गुप्ता, मनोज कुमार सिंह, नप के टैक्स दारोगा चंद्रनाथ चंदन उर्फ गुड्डू, नप के लेखापाल रजनीश कुमार सहित सभी वीटरों की मौजूदगी में नप के दो सैरातों का अस्थायी बंदोबस्ती के लिए खुली डाक के माध्यम से बोली लगायी गयी. नप के सैरातों में सबसे पहले शहर के मध्य में अवस्थित प्रसिद्ध फैंसी मार्केट हाट के खुली डाक में वीटर के रूप में एक ही परिवार के पिता व पुत्र क्रमशः मो एजाज व उनके पुत्र मो अरबाज, मो आर्यन के अलावा रामपुर निवासी मो एहतशाम कुल चार वीटरों ने भाग लिया. जिसमें सुरक्षित राशि 12 लाख 32 हजार 800 रुपया के स्थान पर सर्वाधिक बोली लगा कर 12 लाख 42 हजार रुपये में फैंसी मार्केट का डाक गुदरी मोहल्ला वार्ड संख्या 14 निवासी मो एजाज पिता स्व मदीन मियां ने अपने नाम किया. जबकि शहर के दस आना कचहरी के समीप स्थित स्टेशन हाट का भी खुली डाक में तीन वीटर क्रमशःआलम टोला निवासी ईकबाल अंसारी,गुदरी मोहल्ला वार्ड संख्या 14 निवासी मो एजाज व उनके पुत्र मो अरबाज ने भाग लिया. जिसमें सुरक्षित राशि 02 लाख 69 हजार 100 सौ के स्थान पर विटर आलम टोला निवासी इकबाल अंसारी ने सर्वाधिक बोली लगा कर 02 लाख 78 हजार रुपया में अपने नाम किया अर्थात स्टेशन हाट का डाक अपने नाम कर लिया. मालूम हो कि शुक्रवार को नप क्षेत्र के कुल 08 सैरात क्रमशः मुख्य बस पड़ाव सुभाष चौक, रानीगंज-नरपतगंज टैक्सी व टेंपू पड़ाव, अम्हारा,खबासपुर जाने वाले टैक्सी, टैंपू पड़ाव, फैंसी मार्केट, स्टेशन हाट दसआना कचहरी, पशु बद्धशाला,सीटी रिक्सा पड़ाव न्यू पार्किंग स्थल का खुली डाक के माध्यम से अस्थायी बंदोबस्ती का कार्य संपन्न होना था. लेकिन कुल 08 सैरात में से महज दो सैरात फैंसी मार्केट व स्टेशन हाट दस आना कचहरी हाट का ही डाक संपन्न हो पाया. फुलवरिया हाट के सैरात के डाक में वीटर नहीं पहुंच पाये. जिसका कारण उक्त सैरात का डाक अगली तिथि 09 मार्च को होने की बातें कही गयी..जबकि शेष 05 सैरात के डाक में भाग लेने के लिए एक भी वीटरों ने कागजात जमा नही किया अर्थात डाक में भाग लेने के लिए आवेदन नही किया. जिस कारण उक्त सैरात का डाक नहीं हो पाया. लोगों के बीच इस बात की चर्चा है कि आखिर खुली डाक में वीटरों की संख्या इतनी कम कैसे और क्यों रही. आखिर मुख्य बस पड़ाव व अन्य टैक्सी ऑटो स्टैंड सहित अन्य सैरातों का खुली डाक में क्यों नही वीटरों ने भाग नहीं लिया.
दो सैरातों की अस्थायी बंदोबस्ती संपन्न
शेष बचे सैरातों की खुली डाक नौ मार्च को होगा
