जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की रिपोर्ट
Seemanchal Express Attendant Corruption: बिहार के सीमांचल प्रक्षेत्र को देश की राजधानी से जोड़ने वाली गाड़ी संख्या 12487/12488 सीमांचल एक्सप्रेस इन दिनों रेल यात्रियों की सुविधा के बजाय आउटसोर्सिंग कर्मियों की गुंडागर्दी और अवैध उगाही के लिए बदनाम हो रही है. जोगबनी से आनंद विहार टर्मिनल के बीच संचालित होने वाली इस महत्वपूर्ण ट्रेन के एसी कोचों में कनिष्ठ अटेंडेंट और पेंट्रीकार स्टाफ की दबंगई चरम पर पहुंच चुकी है. वैध किराया चुकाकर सफर करने वाले यात्रियों का आरोप है कि ट्रेन के भीतर विधिक नियमों को ताक पर रखकर बर्थ बेचे जा रहे हैं. इस विसंगति के कारण महिला यात्रियों, बुजुर्गों और आरएसी (RAC) कड़ियों के तहत सफर कर रहे प्रबुद्ध नागरिकों की सुखद यात्रा गंभीर कष्ट में तब्दील हो गई है.
आरएसी यात्रियों से बेडशीट में कटौती; शिकायत पुस्तिका मांगने पर करते हैं बदतमीजी
यात्रियों द्वारा रेल प्रशासन को सौंपे गए शिकायती इनपुट और इस भ्रष्टाचार की मुख्य कड़ियां बेहद परेशान करने वाली हैं. दिल्ली से जोगबनी का सफर तय कर लौटे एक यात्री ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनकी दो सीटें आरएसी श्रेणी में संधारित थीं.
नियमतः दो यात्रियों को जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं, लेकिन अटेंडेंट ने मनमानी करते हुए सिर्फ एक तकिया और एक बेडशीट उपलब्ध कराई. जब यात्री ने इसका विधिक विरोध किया और कनिष्ठ स्टाफ से अटेंडेंट शिकायत पुस्तिका (Complaint Book) की मांग की, तब जाकर काफी विवाद के बाद दूसरा तकिया दिया गया. यात्रियों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात अटेंडेंट बात-बात पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं.
नीचे की बर्थ पर पैसे लेकर अवैध कब्जा; लोहे की सरिया से सिर फोड़ने का पुराना रिकॉर्ड
“एक अन्य भुक्तभोगी रेल यात्री ने बताया कि उनकी सीट अपर बर्थ पर आवंटित थी. जब उन्होंने नीचे की बर्थ पर बैठना चाहा, तो देखा कि अटेंडेंट ने अवैध रूप से मोटी रकम वसूल कर वहां दो बिना टिकट यात्रियों को मुस्तैद कर रखा था. विरोध करने पर सांठगांठ वाले अनधिकृत यात्रियों ने सीट खाली करने से मना कर दिया, जिसके कारण वैध यात्री को पूरा दिन ऊपर की बर्थ पर बैठकर ही गुजारना पड़ा.”
सीमांचल एक्सप्रेस में आउटसोर्सिंग कप्तानों की यह दबंगई नई नहीं है. इससे पूर्व भी दिल्ली से आ रहे एक यात्री के साथ सीट विवाद में पेंट्रीकार के कनिष्ठ कर्मियों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थीं. उस वक्त लोहे की सरिया से प्रहार कर यात्री का सिर फोड़ दिया गया था, जिसके बाद जीआरपी (GRP) जोगबनी ने त्वरित कमान संभालते हुए 6 पेंट्रीकार कर्मियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115, 116 और 303 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा था.
Seemanchal Express Attendant Corruption: रेल कप्तानों से जांच और स्थाई मुस्तैदी की पुरजोर मांग
इतनी बड़ी दंडात्मक कार्रवाई के बावजूद सीमांचल एक्सप्रेस के इस प्रभावित मुख्य प्रक्षेत्र में अवैध वसूली का सिंडिकेट धड़ल्ले से चालू है. स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और दैनिक यात्रियों का कहना है कि यह पूरा खेल रेल मंडल के कुछ कनिष्ठ व वरिष्ठ अधिकारियों के परोक्ष संरक्षण के बिना संभव नहीं है.
सीमांचल प्रक्षेत्र के नागरिकों ने कटिहार रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक (SR DCM) और रेल कप्तानों से मांग की है कि आनंद विहार मार्ग की इस ट्रेन के एसी कोचों में औचक लाइव चेकिंग दस्ता मुस्तैद किया जाए. साथ ही, यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले और विधिक प्रक्रिया का उल्लंघन करने वाले भ्रष्ट अटेंडेंटों को तुरंत सेवा से बर्खास्त कर ब्लैकलिस्ट किया जाए ताकि आम जनता का सफर सुरक्षित संधारित हो सके.
