अररिया के राजोखर स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान स्कॉटिश पब्लिक स्कूल में वार्षिक खेल कैलेंडर के तहत इंटर हाउस खो-खो प्रतियोगिता का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया. विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित इस अंतर-सदनीय खेल स्पर्धा में विभिन्न हाउस के छात्र-छात्राओं ने अपनी गति, फुर्ती, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया.
प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन विद्यालय के डायरेक्टर अनूप कुमार ने मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर और टॉस उछालकर किया.
बालक वर्ग में तक्षशिला और बालिका वर्ग में नालंदा हाउस ने मारी बाजी
दिनभर चले रोमांचक और कड़े मुकाबलों के बाद प्रतियोगिता के बालक वर्ग के फाइनल मैच में तक्षशिला हाउस ने आक्रामक रणनीति और शानदार समन्वय के दम पर प्रतिद्वंद्वी टीम को पछाड़ते हुए विजेता की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. बालक वर्ग में विक्रमशिला हाउस की टीम कड़े संघर्ष के बाद उपविजेता रही.
वहीं बालिका वर्ग के खिताबी मुकाबले में नालंदा हाउस की छात्राओं ने अपने चपल दांव-पेंच और मजबूत रक्षात्मक खेल के बूते शानदार जीत दर्ज कर प्रथम स्थान हासिल किया. बालिका वर्ग में तक्षशिला हाउस की टीम उपविजेता बनी. प्रतियोगिता के समापन पर विजेता एवं उपविजेता टीमों के कप्तानों और खिलाड़ियों को आकर्षक ट्रॉफी व मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया.
खिलाड़ियों की चपलता और टीम भावना ने बांधा समां
मैच के दौरान मैदान के चारों ओर साथी विद्यार्थियों और शिक्षकों का भारी उत्साह देखने को मिला. 'खो' की तेज गूंज और विपक्षी खिलाड़ियों को छूने व चकमा देकर बचने की रणनीतियों ने पूरे मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया.
खिलाड़ियों ने अंक अर्जित करने के लिए मैदान में डाइव लगाने, सिटिंग ब्लॉक पर त्वरित प्रतिक्रिया देने और टीम वर्क का बेजोड़ नमूना पेश किया. विद्यार्थियों ने खेल के मैदान पर धैर्य, आपसी तालमेल और खेल भावना का परिचय देकर उपस्थित दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं.
खेल शिक्षा का अभिन्न हिस्सा, समग्र विकास जरूरी: अनूप कुमार
पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के डायरेक्टर अनूप कुमार ने सभी विजेता और प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समग्र शिक्षा का एक अनिवार्य अंग हैं.
उन्होंने कहा कि नियमित खेलकूद से विद्यार्थियों के भीतर अनुशासन, टीम भावना, शारीरिक मजबूती, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की प्रवृत्ति विकसित होती है. डायरेक्टर ने छात्र-छात्राओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर खेल और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया.
शिक्षकों और खेल विभाग की रही सराहनीय भूमिका
प्रतियोगिता को निष्पक्ष, सुरक्षित और अनुशासित तरीके से संपन्न कराने में विद्यालय के खेल प्रशिक्षकों, शारीरिक शिक्षा विभाग और आयोजन समिति के शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
रेफरी और मैच ऑफिशियल्स के कुशल समन्वय से सभी मैच तय नियमों के अनुसार संपन्न हुए. प्रतियोगिता के समापन पर विद्यालय प्रबंधन ने सफल आयोजन के लिए खेल विभाग और सहयोगी कर्मियों की सराहना की.
