अररिया जिले में मानसून और सीमावर्ती इलाकों में बारिश की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड पर आ गया है.
जिले की प्रमुख नदियों के जलस्तर, कटाव की स्थिति और तटबंधों की सुरक्षा का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने अधिकारियों की टीम के साथ संवेदनशील तटीय क्षेत्रों का सघन भौतिक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान राहत की बात यह सामने आई कि जिले की तीनों प्रमुख नदियों का जलस्तर सामान्य है और लगातार घट रहा है.
खतरे के निशान से काफी नीचे बह रहीं तीनों प्रमुख नदियां
जल संसाधन विभाग और जिला आपदा प्रबंधन शाखा के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले की किसी भी नदी में पानी का असामान्य फैलाव दर्ज नहीं किया गया है:
- परमान नदी: अररिया शहर और आसपास से गुजरने वाली परमान नदी का जलस्तर खतरे के निशान (47.00 मीटर) से 1.27 मीटर नीचे रिकॉर्ड किया गया.
- कनकई नदी: जोकीहाट प्रखंड अंतर्गत कनकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान (46.94 मीटर) से 1.34 मीटर नीचे बह रहा है.
- बकरा नदी: सिकटी क्षेत्र में बकरा नदी का जलस्तर अपने खतरे के निशान (61.40 मीटर) से 1.56 मीटर नीचे स्थिर बना हुआ है.
तीनों नदियों का जलस्तर वर्तमान में घटने के क्रम में है, जिससे तटीय गांवों और निचले इलाकों में तत्काल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है.
तटबंधों पर 24 घंटे पैनी नजर रखने का सख्त निर्देश
नदियों के भौतिक मुआयने के बाद जिलाधिकारी विनोद दूहन ने बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल, पूर्णिया के कार्यपालक अभियंता तथा स्थानीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए.
डीएम ने कहा कि भले ही जलस्तर घट रहा है, लेकिन संवेदनशील तटबंधों और स्परों की सतत निगरानी में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए. कहीं भी यदि कटाव के लक्षण दिखें, तो तुरंत फ्लड फाइटिंग सामग्री डालकर मरम्मत कराई जाए. उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया—"आपदा नहीं हो भारी, यदि पूरी हो तैयारी."
आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम का नंबर जारी, लोग रहें सतर्क
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा है. बाढ़ या कटाव से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति या सूचना के त्वरित आदान-प्रदान के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, अररिया का मोबाइल नंबर: 9471682459 सार्वजनिक किया गया है, जिस पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है.
मौके पर मौजूद रहे आला अधिकारी
इस व्यापक निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल, पूर्णिया) सहित संबंधित अंचलों के अंचलाधिकारी (सीओ) और तकनीकी अभियंता मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
