पीआरएस की मौत, अस्पताल में परिजनों ने किया हंगामा
अधिकारी पर लगाया अत्यधिक काम कराने का आरोप
बीडीओ व पीओ को देखते परिजनों हुए आक्रोशित, कमरे में छिपकर बचायी जान
नरपतगंज. प्रखंड क्षेत्र के अचरा पंचायत में कार्यरत 45 वर्षीय पीआरएस अनमोल कुमार पासवान की गुरुवार की सुबह ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के लिए नरपतगंज अस्पताल ले जाया गया. जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद परिजनों ने नरपतगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शव रखकर घंटों हंगामा मचाया. तीन घंटे के बाद एसडीओ व एसडीपीओ ने अथक प्रयास से लोगों को समझा बूझकर शांत कराया. मृतक में गोखलापुर पंचायत के वार्ड संख्या 07 निवासी अनमोल कुमार पासवान पिता सदानंद पासवान है. जानकारी अनुसार मृतक अनमोल गुरुवार की सुबह 09 बजे अचरा पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन में जाकर अपना बायोमेट्रिक हाजिरी बनाकर जैसे ही लक्ष्मीपुर चौक के समीप पहुंचा कि किसी से मोबाइल पर बात करने के दौरान अचानक वह बेसुध होकर गिर पड़ा और मौत हो गयी. इस दौरान नरपतगंज बीडीओ अजीत कुमार व मनरेगा पीओ रजनीश कुमार अस्पताल पहुंचे. दोनों अधिकारियों को देखकर परिजनों का आक्रोश भड़क गया और हंगामा करने लगे. परिजनों के आक्रोश के बाद अस्पताल के कमरे में दोनों पदाधिकारी को छिपकर जान बचाना पड़ा. लोगों का आक्रोश देखकर बीडीओ व पीओ को अस्पताल के एक कमरे में बंद कर रखा गया. स्थानीय पुलिस के द्वारा समझाने पर भी लोग नहीं माने. उग्र प्रदर्शन करते रहे परिजन मनरेगा पीओ पर जबरन कार्य कराने को लेकर उसपर कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे. मामला बिगड़ता देख बड़ी संख्या में पुलिस बल अस्पताल परिसर में पहुंच गये. सूचना पर फारबिसगंज एसडीओ रंजीत कुमार व एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा अस्पताल पहुंचे. बड़ी मशक्कत से परिजनों से बातचीत कर मामला को शांत कराया. जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल अररिया भेज दिया गया. मामला शांत होने के बाद बीडीओ व मनरेगा पीओ को बंद कमरे से सुरक्षित बाहर निकला गया. मामले को लेकर फारबिसगंज एसडीओ रंजीत कुमार ने बताया कि ड्यूटी के दौरान पीआरएस की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हुई है. उन्होंने बताया कि जिले के वरीय अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है.काम के प्रेशर के कारण हुई मौत
परिजनों का कहना था कि काम के प्रेशर के कारण पीआरएस की आकस्मिक मौत हो गयी है. रात के 11 बजे तक उससे काम कराया जाता था. उसे दो-दो पंचायतों का प्रभार दिया गया था. अचरा व मानिकपुर पंचायत के अलावा बीडीओ ने अलग से बबुआन पंचायत में भी इंदिरा आवास सर्वेक्षण का कार्य उसे सौंपा था. वहीं बताया कि 04 से 05 दिन पूर्व तबीयत खराब होने को लेकर अनमोल ने बीडीओ को आवेदन भी दिया था. इसके बावजूद अधिकारी उससे जबरन काम करवा रहे थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
