बाढ़ व सुखाड़ की स्थिति से निबटने के लिए सभी विभाग करें समन्वित तैयारी : प्रभारी मंत्री
बैठक में सामुदायिक रसोई, बाढ़ आश्रय स्थल, पेयजल सहित अन्य जरूरी इंतजामों की समीक्षा की
किसी भी आपदा की स्थिति में आम लोगों को त्वरित राहत व सहायता उपलब्ध करायी जाये : मंत्री
अररिया. संभावित बाढ़ व सुखाड़ की पूर्व तैयारियों को लेकर बिहार सरकार के वन पर्यावरण व जलवायु विभाग के मंत्री सह जिला के प्रभारी मंत्री डॉ राम चंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. समाहरणालय परिसर स्थित परमान सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी विनोद दूहन, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार, जोकीहाट विधायक मो मुर्शिद आलम, रानीगंज विधायक रानीगंज अविनाश मंगलम, फारबिसगंज विधायक मनोज कुमार विश्वास, उपाध्यक्ष जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति आदित्य नारायण झा, आशीष कुमार पटेल सहित अन्य जन प्रतिनिधि व जिला स्तरीय कई अधिकारी मौजूद थे. बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि संभावित बाढ़ व सुखाड़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निबटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूर्व तैयारी सुनिश्चित करें. आमजन की सुरक्षा व आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में आम लोगों को त्वरित राहत व सहायता उपलब्ध कराई जाये. बैठक राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ. बैठक में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन ने जिले का सामान्य परिचय प्रस्तुत करते हुए जिले में पूर्व वर्षों में आई बाढ़, वर्षा की स्थिति व संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी. बैठक में प्रभारी मंत्री ने बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका वाले व्यक्तियों व परिवारों की पहचान कर अद्यतन सूची तैयार करने का निर्देश दिया.
मंत्री ने की तटबंधों की स्थिति की समीक्षा
बैठक में तटबंधों की स्थिति की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने जिले के सभी क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत 15 जून तक हर हाल में पूर्ण करने जा निर्देश दिया. संबंधित कार्यपालक अभियंता द्वारा अवगत कराया गया कि मरम्मति कार्य प्रगति पर है. इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कर लिया जायेगा. माननीय सदस्यों द्वारा पिपरा जमींदारी बांध, मजकुड़ी जहानपुर तटबंध, सुरसर तटबंध की मरम्मति व रखरखाव का मामला बैठक में उठाया. इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यपालक अभियंता को आवश्यक प्रस्ताव विभाग को तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. प्रभारी मंत्री ने तटबंधों के किनारे होने वाले अवैध खनन पर संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया. बैठक में राहत व बचाव कार्यों के तैयारियों की समीक्षा की गयी. नावों व मोटर बोटों की उपलब्धता, परिचालन योग्य नावों की संख्या, नाविकों के भुगतान, लाइफ जैकेट की उपलब्धता, राहत शिविरों की व्यवस्था पर चर्चा की गयी. बताया गया कि वर्तमान में 135 लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं. इसके अतिरिक्त 500 लाइफ जैकेट क्रय की प्रक्रिया में है. ताकि सभी नावों पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हो सके. निर्देश दिया कि यदि किसी नाविक का भुगतान लंबित हो तो उसका तत्काल नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाये. बैठक में सामुदायिक रसोई, बाढ़ आश्रय स्थल, पेयजल सहित अन्य जरूरी इंतजामों की समीक्षा की गयी. सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी व अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा संबंधी सभी सूचना व लाभुकों की सूची को आपदा संपुष्टि पोर्टल पर अद्यतन करना सुनिश्चित करें. वहीं बैठक में अंचलाधिकारी पलासी पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया. बैठक में सिंचाई व्यवस्था, नहरों की स्थिति, जल उपलब्धता, सुखाड़ की संभावित स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया गया.
मंत्री ने कई मुद्दों पर की चर्चा
संबंधित अधिकारियों ने जानकारी दी कि नहरों में समय पर पानी छोड़ने की तैयारी पूरी कर ली गयी है. फसल क्षति मुआवजा को लेकर सदस्यों द्वारा ध्यान आकर्षण पर बताया गया कि प्राप्त सभी आवेदनों का जिला स्तर पर निष्पादन कर लिया गया है. लाभुकों को डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है. इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना , राज्य योजना अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा की गयी. जिन स्थानों पर अब तक पुल निर्माण कार्य नहीं हो पाया है. उनकी प्राथमिकता सूची तैयार करने के लिए समिति द्वारा निर्णय लिया गया. बैठक में चुनाव बहिष्कार वाले क्षेत्रों सहित जनहित व आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 16 पुलों सहित अन्य महत्वपूर्ण पुल परियोजनाओं को प्राथमिकता सूची में शामिल करने पर विस्तृत चर्चा की गयी.