Araria News: अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड प्रमुख ओमप्रकाश पासवान के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर फिलहाल रोक लग गई है. प्रखंड विकास पदाधिकारी सह पंचायत समिति के कार्यपालक पदाधिकारी कर्मजीत राम ने पत्र संख्या 1008, दिनांक 31 जुलाई 2026 जारी कर स्पष्ट किया है कि बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत इस मामले में विशेष बैठक नहीं बुलाई जा सकती. इसके साथ ही प्रखंड की राजनीतिक गतिविधियों पर भी विराम लग गया है.
अंतिम छह महीने में नहीं आ सकता अविश्वास प्रस्ताव
बीडीओ ने अपने आदेश में बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 44(3)(1) का हवाला देते हुए कहा है कि पंचायत समिति के कार्यकाल के अंतिम छह महीनों में प्रमुख या उपप्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता. चूंकि वर्तमान पंचायत समिति का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक निर्धारित है, इसलिए यह मामला अंतिम छह महीने की अवधि में आता है.
प्रमुख ने भी उठाया था कानूनी सवाल
प्रखंड प्रमुख ओमप्रकाश पासवान ने भी कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखकर अविश्वास प्रस्ताव के लिए विशेष बैठक बुलाने को कानून के विरुद्ध बताया था. उन्होंने बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा था कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसी बैठक आयोजित करना वैधानिक नहीं होगा.
25 सदस्यों ने दिया था आवेदन
उल्लेखनीय है कि पंचायत समिति सदस्य जलिसा खातून सहित 25 पंचायत समिति सदस्यों ने 28 जुलाई को बीडीओ को आवेदन देकर प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर विशेष बैठक बुलाने की मांग की थी. आवेदन के बाद फारबिसगंज प्रखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी और प्रमुख पद को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था.
कानूनी प्रावधान से थमी राजनीतिक सरगर्मी
Araria News: बीडीओ के आदेश के बाद अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया फिलहाल समाप्त हो गई है. कानूनी प्रावधानों के कारण विशेष बैठक नहीं बुलाए जाने से प्रखंड की राजनीतिक सरगर्मी अचानक शांत पड़ गई है. अब पंचायत समिति का कार्यकाल पूरा होने तक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की संभावना समाप्त मानी जा रही है.
