जेन-जी आंदोलन के बाद बंद की गयी नेपाल सीमा खुली, भारत व नेपाल के लोगों ने ली राहत की सांस

भारत की ओर से 15 सितंबर को ही सीमा को खोल दिया गया था, लेकिन नेपाल की ओर से सीमा को नहीं खोला गया था

सीमा पर बढ़ी चहल-पहल, सीमावर्ती क्षेत्र के व्यवसायियों ने कहा- पूजा में अब नहीं छायेगी मंदी

जोगबनी. जेन-जी आंदोलन के दौरान बंद की गयी भारत-नेपाल सीमा को मंगलवार को वाहनों के लिए खोल दिया गया. गौरतलब है कि सितंबर में ही हुए जेन-जी के उग्र आंदोलन के दौरान नेपाल में सरकारी संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचाया गया. इस आंदोलन के दौरान एहतियातन भारत-नेपाल सीमा को बंद कर दिया गया. हालांकि नेपाल में अंतरिम प्रधानमंत्री की नियुक्ति के बाद सीमा से लोगों काे आवाजाही में छूट दे दी गयी, लेकिन सीमा को नहीं खोला गया. हालांकि भारत की ओर से 15 सितंबर को ही सीमा को खोल दिया गया था, लेकिन नेपाल की ओर से सीमा को नहीं खोला गया था.

आज से शुरू हो जायेगी भंसार देने की व्यवस्था

जेन-जी आंदोलन के दौरान हुई क्षति के बाद नेपाल सरकार भारत से वाहन लेकर नेपाल जाने वाले लोगों को सुविधा व भंसार देने में असमर्थ थी. मंगलवार को वाहनों को सुविधा देने के साथ नेपाल ने सीमा को खोल दी है. बताया गया कि बुधवार से भारत से नेपाल जाने वाले वाहनों को भंसार देने की व्यवस्था शुरू हो जायेगी. वहीं सीमा खुलने से नेपाल के आम लोगों में काफी हर्ष देखा गया. सीमा खुलते ही सैकड़ों की संख्या में नेपाली वाहनों से नेपाली नागरिक जोगबनी पहुंचे और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की खरीदारी की.

टैक्सी चालकों में भी खुशी

सीमा खुलने से नेपाल के टैक्सी चालक भी काफी खुश नजर आये. टैक्सी चालकों ने बताया कि जोगबनी स्टेशन से यात्रियों को लाने ले जाने से ही उनकी रोजी-रोटी चलती है. सीमा बंद होने से उन्हें परिवार चलाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. वहीं व्यवसायियों ने कहा कि इस बार दुर्गा पूजा की दुकानदारी सही से नहीं चल रही थी, लेकिन पूजा में अब मंदी नहीं छायेगी.

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