Minor Girl Assault: जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की रिपोर्ट: बिहार के सीमावर्ती शहर जोगबनी नगर परिषद क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. यहाँ एक नाबालिग किशोर पर अपने ही पड़ोस में रहने वाली महज ढाई वर्षीय मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने का संगीन आरोप लगा है. इस हैवानियत के बाद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मासूम बच्ची की हालत अत्यंत चिंताजनक और नाजुक बनी हुई है.
मां के पहुंचते ही भागा आरोपी, अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही मासूम
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना के वक्त मासूम बच्ची घर में अकेली थी और उसकी मां कुछ ही दूरी पर किसी काम से गई थी. इसी सूनेपन का फायदा उठाकर आरोपी किशोर घर में दाखिल हो गया. अचानक मासूम की दर्दनाक चीख-पुकार और रोने की आवाज सुनकर जब उसकी मां बदहवास हालत में दौड़ती हुई घर के भीतर पहुंची, तो आरोपी उसे देखकर मौके से रफूचक्कर हो गया.
मकान के अंदर का मंजर देखकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई. खून से लथपथ और अचेत अवस्था में पड़ी बच्ची को परिजनों द्वारा आनन-फानन में फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया. वहां प्राथमिक उपचार और स्थिति को संभालने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि अंदरूनी चोटें बेहद गंभीर हैं. बच्ची की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए हायर मेडिकल सेंटर (पूर्णिया/कटिहार) रेफर कर दिया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है.
पुलिस व फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच, आरोपी भेजा गया जेल
इस खौफनाक वारदात की सूचना मिलते ही जोगबनी थाना पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया. मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए जोगबनी थाना अध्यक्ष पुलिस बल और विशेष फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य और नमूने एकत्र किए हैं.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबिश दी और कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी नाबालिग किशोर को उसके छिपने के ठिकाने से हिरासत में ले लिया. जोगबनी पुलिस के अनुसार, पीड़ित परिवार के बयान पर पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. आरोपी किशोर को चिकित्सकीय और विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में बाल सुधार गृह (जेल) भेज दिया गया है.
स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश, स्पीडी ट्रायल की मांग
इस घटना के बाद से पूरे जोगबनी क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों में भारी आक्रोश और उबाल देखा जा रहा है. लोगों ने इस घिनौनी करतूत की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए जिला प्रशासन से मांग की है कि इस संवेदनशील मामले की जांच स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) के तहत कराई जाए ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके और दोषी को कानून के मुताबिक कठोरतम सजा दी जा सके. फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से तफ्तीश कर रही है.
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