आपसी समन्वय से अभियान को बनाएं सफल : डीएम

नौ से 23 अप्रैल तक संचालित पोषण पखवारा अभियान का डीएम ने किया उद्घाटन

अररिया. जिले में 9 से 23 अप्रैल तक संचालित पोषण पखवारा का शुभारंभ शुक्रवार को जिलाधिकारी विनोद दूहन ने किया. पोषण पखवारा के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की. इस क्रम में उन्होंने कई जरूरी दिशा निर्देश दिये. इससे पूर्व डीपीओ आइसीडीएस कविता कुमारी ने जिलाधिकारी को पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया. जिलाधिकारी ने आपसी समन्वय व जनभागीदारी से अभियान को सफल बनाने का निर्देश अधिकारियों को दिया. उन्होंने कहा कि पोषण पखवारा का मुख्य उद्देश्य बच्चों के जीवन के प्रथम छह वर्षों में उनके समग्र विकास की नींव को मजबूती प्रदान करना है. उन्होंने कहा कि अभियान के क्रम में जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा. सभी गतिविधियों की प्रविष्टि जन-आंदोलन डैशबोर्ड पर सुनिश्चित कराने व परियोजना स्तर पर इसकी सतत निगरानी का निर्देश उन्होंने दिया. मौके पर सभी सीडीपीओ सहित संबंधित अन्य अधिकारी व विभागीय कर्मी मौजूद थे.

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प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण व डिजिटलीकरण को मिलेगा बढ़ावा

अररिया. जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की अध्यक्षता में ज्ञान भारतम मिशन के तहत प्राचीन पाण्डुलिपियों के संरक्षण व डिजिटलीकरण को लेकर एक बैठक शुक्रवार को की गयी. बैठक में बताया गया कि ज्ञान भारतम मिशन के तहत ऐसी पाण्डुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जाना है, जिनकी आयु न्यूनतम 75 वर्ष या उससे अधिक है. पाण्डुलिपियों में कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा सहित अन्य पर लिखित प्राचीन दस्तावेज शामिल है. इस क्रम में अररिया जिला अंतर्गत सभी सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों जैसे मठ, मंदिर, शैक्षणिक संस्थान, निजी संगठन व ऐसे व्यक्ति जिनके पास पाण्डुलिपियों का संग्रह उपलब्ध है. उन्हें चिन्हित करते हुए उनकी सूची तैयार करने का निर्णय लिया गया. सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने प्रखंड क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों को पाण्डुलिपियों के सर्वेक्षण हेतु प्रोत्साहित करें. संस्था व व्यक्तियों के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों को ज्ञान भारतम मोबाइल एप पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें. बताया गया कि सर्वेक्षित पांडुलिपि संबंधित संग्रहकर्ता संस्था व व्यक्ति के अधिकार में ही सुरक्षित रहेगा. मिशन का मुख्य उद्देश्य प्राचीन ज्ञान-भंडार का संरक्षण व डिजिटलीकरण करते हुए उसमें निहित ज्ञान काअनुसंधान, अनुवाद व प्रकाशन के माध्यम से विश्व पटल पर प्रस्तुत करना है. जिला प्रशासन द्वारा इस पहल को सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया. साथ ही इस कार्य में आमजन से इसमें सक्रिय सहयोग की अपील की गयी. बैठक में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी अभिलेखागार, जिला कला व संस्कृति पदाधिकारी व सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी मौजूद थे.

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By MRIGENDRA MANI SINGH

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