अररिया : जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से ‘जांच एवं उपचार—चिकित्सा आपके द्वार’ कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. जिलाधिकारी विनोद दुहन की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यक्रम को अधिक उपयोगी, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने को लेकर विस्तृत विमर्श किया गया.
बैठक में स्टेट पिरामल टीम की डॉ. श्रद्धा झा, डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार, पिरामल स्वास्थ्य के जिला लीड संजय कुमार झा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
मातृ-शिशु स्वास्थ्य को भी कार्यक्रम से जोड़ने पर जोर
बैठक के दौरान ‘चिकित्सा आपके द्वार’ कार्यक्रम की वर्तमान प्रगति, उपलब्धियों और जमीनी स्तर पर इसके प्रभाव की समीक्षा की गयी. जिलाधिकारी ने आम लोगों तक स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए.
समीक्षा के दौरान उन्होंने कार्यक्रम का दायरा बढ़ाते हुए मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ (MCH) से जुड़े महत्वपूर्ण इंडिकेटर्स को भी शामिल करने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े प्रमुख संकेतकों की नियमित निगरानी से गर्भवती महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की समय पर पहचान की जा सकेगी.
समय पर पहचान और रेफरल व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश
जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की समयबद्ध पहचान, नियमित निगरानी, उपचार और आवश्यक रेफरल व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया.
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और टीम को आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा कार्यक्रम को अधिक जन-केंद्रित बनाने का निर्देश दिया.
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सुविधा
बैठक में चर्चा हुई कि MCH इंडिकेटर्स को ‘चिकित्सा आपके द्वार’ कार्यक्रम से जोड़ने से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी अधिक प्रभावी होगी. इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी.
जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम को अधिक व्यापक, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में पहल की जा रही है. इससे विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा जरूरतमंद लोगों तक समय पर जांच और उपचार पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
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