अररिया. जिला प्रशासन ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिले में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और अभियानों की जानकारी दी. डीएम विनोद दूहन ने कहा कि अभियान बसेरा-2 के तहत पात्र भूमिहीन परिवारों को नियमानुसार वासभूमि उपलब्ध कराई जाएगी. इसके लिए लोगों को पटना मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है. दूसरी ओर शहर में ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की समस्या से निपटने के लिए अतिक्रमण हटाने, पार्किंग व्यवस्था और ई-रिक्शा के परिचालन को व्यवस्थित करने की योजना है. स्वास्थ्य जांच अभियान में भी बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग की गई है.
अंचल कार्यालय में ही जमा होगा वासभूमि का आवेदन
डीएम ने स्पष्ट किया कि अभियान बसेरा-2 के तहत वासभूमि के लिए पात्र भूमिहीन परिवारों को आवेदन जमा करने के लिए पटना जाने की जरूरत नहीं है. लाभुक अपने संबंधित अंचल कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं.
उन्होंने बताया कि पात्र परिवारों को नियमानुसार बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जाएगा. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के पात्र भूमिहीन परिवार भी योजना के तहत लाभ ले सकेंगे.
पटना जाने और बिचौलियों के झांसे में आने से बचें
डीएम ने लाभुकों से अपील की कि वे अनावश्यक रूप से पटना मुख्यालय नहीं जाएं और किसी व्यक्ति या संस्था के बहकावे में न आएं. उन्होंने कहा कि लोगों को भ्रमित कर जिले से पटना मुख्यालय भेजने वाले व्यक्ति या संस्था के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
आवेदन के साथ देने होंगे जरूरी दस्तावेज
वासभूमि के आवेदन के साथ परिवार के सभी सदस्यों का विवरण और मोबाइल नंबर देना होगा. आवेदक, पति-पत्नी और वयस्क पारिवारिक सदस्यों के आधार कार्ड की स्व-अभिप्रमाणित प्रति भी देनी होगी.
इसके अलावा जाति प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, मतदाता पहचान-पत्र या निवास प्रमाण-पत्र में से उपलब्ध दस्तावेज, परिवार की वर्तमान सामूहिक तस्वीर और निर्धारित प्रारूप में शपथ-पत्र देना होगा. शपथ-पत्र में यह उल्लेख करना होगा कि परिवार के पास वासयोग्य भूमि नहीं है और पूर्व में किसी सरकारी योजना से वासभूमि प्राप्त नहीं हुई है. सरकारी भूमि पर बसे परिवारों को मौजा, खाता और खेसरा संख्या, यदि ज्ञात हो, तथा पुराने निवास से संबंधित उपलब्ध साक्ष्य भी देना होगा.
नगर थाना से कोशी धार पुल तक हटेगा अतिक्रमण
शहर में जाम और अतिक्रमण की समस्या से निपटने के लिए नगर थाना से कोशी धार पुल तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ सर्विस लेन को भी व्यवस्थित किया जाएगा. प्रशासन की योजना के अनुसार सर्विस लेन के एक तरफ दोपहिया और दूसरी तरफ चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था की जाएगी. सड़क पर बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
ई-रिक्शा और व्यावसायिक वाहनों के लिए तय होगी व्यवस्था
शहर में ई-रिक्शा और अन्य व्यावसायिक वाहनों के परिचालन को भी व्यवस्थित करने की तैयारी है. इसके लिए रूट और पार्किंग व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.
फुटकर दुकानदारों को दिया जाएगा वैकल्पिक स्थान
सड़क किनारे दुकान लगाने वाले फुटकर दुकानदारों को चिह्नित किया जाएगा. प्रशासन की ओर से उन्हें व्यवस्थित और वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी. प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. सदर अस्पताल मार्ग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि मरीजों, एंबुलेंस और आम लोगों के आवागमन में परेशानी न हो.
9 लाख 30 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग
जिले में चल रहे स्वास्थ्य जांच अभियान के तहत अब तक 9,30,250 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. समेकित रिपोर्ट के अनुसार जांच में 9,350 लोगों में हाइपरटेंशन और 7,589 लोगों में मधुमेह की पहचान हुई है.
कैंसर स्क्रीनिंग में भी सामने आए संदिग्ध मामले
जांच अभियान के दौरान मुंह के कैंसर के 11,838 संदिग्ध मामले सामने आए, जिनमें 12 मामलों की पुष्टि हुई है. स्तन कैंसर के 2,151 संदिग्ध मामलों में छह की पुष्टि हुई है.
वहीं सर्वाइकल कैंसर के 513 संदिग्ध मामलों में तीन मामलों की पुष्टि हुई है. चिन्हित मरीजों को आगे की जांच और आवश्यक उपचार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा रहा है.
1217 लोगों में गंभीर एनीमिया की पहचान
स्वास्थ्य जांच के दौरान 1,217 लोगों में गंभीर एनीमिया की पहचान हुई है. नेत्र जांच में 647 लोगों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई, जबकि अब तक 563 मोतियाबिंद ऑपरेशन कराए जा चुके हैं.
6873 गर्भवती महिलाओं की भी हुई जांच
2 सितंबर से अब तक 6,873 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई है. इनमें 150 गर्भवती महिलाओं में गंभीर एनीमिया पाया गया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिन्हित मरीजों को आवश्यक उपचार और आगे की जांच के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा रहा है.
तीन मोर्चों पर प्रशासन का फोकस
जिला प्रशासन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भूमिहीन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने, शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने और व्यापक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग को प्रमुखता दी गई. प्रशासन का कहना है कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के साथ शहर की नागरिक सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कार्रवाई जारी रहेगी.
