अररिया : कुर्साकांटा प्रखंड की ग्राम पंचायत कमलदाहा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय (यूएमएस) कोल्हुआ बखरी में शिक्षकों की भारी कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. विद्यालय में 327 छात्र नामांकित हैं, लेकिन उनके पठन-पाठन की जिम्मेदारी मात्र दो शिक्षकों पर है. इनमें से एक शिक्षक प्रधानाध्यापक का दायित्व भी निभा रहे हैं.
विद्यालय में वर्ग एक से पांच तक 120 और वर्ग छह से आठ तक 207 छात्र नामांकित हैं. ऐसे में दो शिक्षकों के भरोसे सभी कक्षाओं का संचालन करना चुनौती बना हुआ है. इसे लेकर ग्रामीणों में शिक्षा विभाग की कार्यशैली के प्रति नाराजगी है.
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा विभाग छात्र-शिक्षक अनुपात की बात तो करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बिल्कुल अलग है. उनका सवाल है कि आखिर दो शिक्षक सभी कक्षाओं के बच्चों को प्रभावी ढंग से कैसे पढ़ा सकते हैं.
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मिथिलेश कुमार झा ने बताया कि शिक्षकों के तबादले के बाद पिछले लगभग एक वर्ष से विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है. उन्होंने कहा कि अतिरिक्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के लिए विभाग को लगातार पत्र भेजे जा रहे हैं. विभाग की ओर से आश्वासन तो मिला है, लेकिन अब तक व्यवस्था नहीं हो सकी है. शिक्षकों के अभाव में पठन-पाठन का सुचारु संचालन करने में कठिनाई हो रही है.
क्या कहते हैं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संयम राज ने बताया कि बीपीएससी शिक्षकों के तबादले के बाद कई विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या कम हो गई है. जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां जल्द ही शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी.
