खुलासा : कपड़ा खरीदने के बहाने ले गया और कर दी पत्नी की हत्या

अब तीन बच्चों की कौन करेगा परवरिस

पत्नी की हत्या कर शव छिपाने वाला पति गिरफ्तार, चार साल का मासूम सकुशल बरामद, सात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज

अररिया/पलासी.

पलासी थाना क्षेत्र में तीन साल से चल रहे पारिवारिक विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया. जब पत्नी की गला दबाकर हत्या करने व शव को बांस की झाड़ी में छिपाने वाले आरोपी पति को पुलिस ने 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया. वारदात के बाद आरोपी ने अपने 04 साल के बेटे को भी छिपा दिया था, जिसे पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है. मामले में पति समेत 07 लोगों पर पलासी थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी है. गत 04 जून की सुबह करीब 09 बजे ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि कनखुदिया से गंगझाली जाने वाली सुरकिया धार के पास बांस की झाड़ी में एक अज्ञात महिला का शव पड़ा है. शव पर जख्म के निशान थे. पुलिस व एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी की. ग्रामीणों से पूछताछ व सोशल मीडिया के माध्यम से मृतका की पहचान पिपड़ा बिजवाड़ गांव निवासी 32 वर्षीय नबीता देवी, पिता विद्यानंद मंडल के रूप में हुई.

चार साल से मायके में रह रही थी नबीता

हत्यारे पति से पूछताछ के दौरान जांच में सामने आया कि मृतका नबीता का पति गौरव कुमार विश्वास से पिछले तीन साल से विवाद चल रहा था. गत 02 साल से नबीता अपने 04 साल के बेटे आर्यन के साथ मायके में रह रही थी. 03 जून की शाम साढ़े 05 बजे गौरव नबीता व बेटे आर्यन को बाइक से कपड़ा खरीदने कलियागंज ले जाने की बात कहकर साथ ले गया. एसडीपीओ सुशील कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि रात करीब 09 बजे लौटते समय कनखुदिया-गंगझाली के बीच सुनसान बांस बिट्टी में ले जाकर गौरव ने पत्नी के सीने पर चढ़कर गला दबा दिया. हत्या के बाद शव को वहीं छिपा दिया व चार साल के बेटे आर्यन को लेकर फरार हो गया. बच्चे को भी उसने छिपा दिया था.

दो साल पहले भी की थी मारपीट

एसडीपीओ ने बताया कि 02 साल पहले जब मृतका के पिता बेटी को लेने ससुराल गए थे, तब भी दामाद गौरव ने उनके साथ मारपीट की थी. बढ़ते विवाद के चलते नबीता तभी से मायके में थी. दो साल बाद गौरव उसे घर ले जाने के बहाने आया व इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया.

एसआइटी ने 24 घंटे में किया खुलासा

एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार के निर्देश पर एसआइटी का गठन किया गया. पलासी थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार के नेतृत्व में 11 सदस्यीय टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पति गौरव कुमार विश्वास (32) पिता कृत्यानंद विश्वास, निवासी पनडुब्बी मजलिसपुर को जोकीहाट महलगांव थाना क्षेत्र के मधेली गांव स्थित उसके बहनोई के घर से नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया गया. बच्चे आर्यन को भी सकुशल बरामद कर लिया गया.

सात लोगों पर नामजद केस, पति छोड़कर सभी फरार

मृतका की मां गीता देवी के बयान पर पलासी थाना में कांड संख्या 240/26 दर्ज किया गया है. इसमें पति गौरव कुमार, ससुर कृत्यानंद विश्वास, सास गौरी देवी, सौरभ कुमार, संतोषी देवी, गौतें मंडल व झुब्बा मंडल सहित 07 लोगों को नामजद किया गया है. एसडीपीओ ने बताया कि पति गौरव से अन्य पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी है. पलासी थानाध्यक्ष ने बताया कि बांकी 06 आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है.

तीन मासूमों के सिर से उठा मां का साया

मृतका नबीता अपने पीछे तीन बच्चे छोड़ गई हैं. बच्चों में 04 वर्षीय आर्यन कुमार, अमृता कुमारी व अनन्या कुमारी शामिल हैं. घटना के बाद थाना परिसर में तीनों बच्चे अनजान, सहमे हुए इधर-उधर भटकते दिखे. नानी व मौसी का रो-रोकर बुरा हाल है. विलाप करते हुए नानी गीता देवी ने कहा, अब तीनों बच्चों का बोझ हमीं लोगों को उठाना होगा. एसडीपीओ सुशील कुमार ने कहा कि इस जघन्य हत्याकांड में न्यायालय से स्पीडी ट्रायल चलाने की मांग की जायेगी, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिले व आरोपी को कड़ी सजा हो.

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