संगठित होकर राष्ट्रहित में काम करना जरूरी

आरएसएस का 100 वर्ष पूरा होने पर हिंदू सम्मेलन का आयोजन

फारबिसगंज. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को शहर के एक होटल के सभा भवन के परिसर में एक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक सच्चिदानंद मेहता ने की. संचालन मनीष सिंह ने किया. मौके पर मुख्य अतिथि विहिप व शांतिकुंज हरिद्वार गायत्री परिवार के प्रदीप पांडे, मायाकांत झा सहित अन्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. सम्मेलन को संबोधित करते प्रदीप पांडेय ने पंच परिवर्तन से राष्ट्रीय पुनरुत्थान विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि समाज व राष्ट्र के समग्र विकास के लिए नागरिक कर्तव्य, स्वत्व का भाव, पर्यावरण संरक्षण, कुटुम्ब प्रबोधन व सामाजिक समरसता जैसे पांच परिवर्तन अत्यंत आवश्यक हैं. उन्होंने उपस्थित लोगों से इन मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया. वहीं कार्यक्रम को स्थानीय रमेश मेहता ने भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि कर्तव्य के प्रति जागरूकता से सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण संभव है. स्वत्व का भाव हमें अपनी संस्कृति व विरासत पर गर्व करना सिखाता है. भाजपा नेता शंभु प्रसाद साह ने कहा कि आने वाले समय में पूरी दुनिया में एक बड़ी क्रांतिकारी परिवर्तन की लहर आने वाली है. भारत विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा. इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को संगठित होकर राष्ट्रहित में कार्य करना होगा. मौके पर रवि शंकर यादव, प्रताप नारायण मंडल, कृष्णानंद चौधरी, डॉ बीपी भगत, रंजय मेहता, सरस्वती देवी, रीना देवी, नीरज भगत, डब्लू गुप्ता, संजय सिंह, राजू साह, आलोक दुग्गड़ सहित अन्य लोग मौजूद थे.

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Author: PRAPHULL BHARTI

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