Indore Fire: अररिया के नरपतगंज से संजीव कुमार यादव की रिपोर्ट: मध्य प्रदेश के इंदौर में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड में अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत गोखलापुर और भवानीपुर गांव के तीन प्रवासी मजदूरों की मौत के बाद पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए फारबिसगंज के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अभय कुमार ने मंगलवार की देर रात गोखलापुर गांव का दौरा किया. एसडीओ ने तीनों मृतक मजदूरों के घर बारी-बारी से पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की, उन्हें ढांढस बंधाया और हादसे में घायल हुए अन्य मजदूरों का हाल-चाल भी जाना.
कबीर अंत्येष्टि और पारिवारिक लाभ योजना के तहत तुरंत मिलेंगे 23 हजार
पीड़ित परिवारों की दयनीय स्थिति को देखते हुए एसडीओ अभय कुमार ने मौके पर ही मौजूद नरपतगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अजीत कुमार को कड़े निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि कागजी प्रक्रियाओं में बिना किसी देरी के पीड़ित परिवारों से अविलंब मृत्यु प्रमाण-पत्र और पारिवारिक सूची तैयार करवाई जाए.
एसडीओ ने निर्देश दिया कि:
- पारिवारिक लाभ योजना: इसके तहत प्रत्येक मृतक के आश्रित को तुरंत 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की जाए.
- कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना: अंतिम संस्कार के खर्च के लिए फौरन 3,000 रुपये की नकद राशि उपलब्ध कराई जाए.
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि गोखलापुर और भवानीपुर के सभी पीड़ित परिवारों के बीच इस 23,000 रुपये की प्रारंभिक राहत राशि को बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
श्रम संसाधन विभाग से 4-4 लाख रुपये के मुआवजे की अनुशंसा
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए फारबिसगंज एसडीओ ने बताया कि इंदौर अग्निकांड में जान गंवाने वाले ये सभी मजदूर बेहद गरीब पृष्ठभूमि से थे. बिहार सरकार के नियमानुसार, प्रवासी मजदूरों की कार्यस्थल पर दुर्घटना में मौत होने की स्थिति में मिलने वाली सहायता के तहत श्रम संसाधन विभाग (Labor Resources Department) को 4-4 लाख रुपये के मुआवजे की आधिकारिक अनुशंसा भेज दी गई है. उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि बहुत जल्द यह 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी.
मौके पर डटा रहा प्रशासनिक अमला
देर रात हुए इस प्रशासनिक दौरे के दौरान ग्रामीणों में उपजे आक्रोश और दुख को संभालने के लिए पूरा स्थानीय अमला मौके पर मुस्तैद रहा. इस दौरान एसडीओ के साथ मुख्य रूप से नरपतगंज के बीडीओ अजीत कुमार, स्थानीय थाना अध्यक्ष संजय कुमार, प्रभारी अंचलाधिकारी (CO) राम उदगार चौपाल, मुखिया प्रतिनिधि उमेश कुमार चौपाल, और सरपंच तौहीद आलम समेत कई प्रबुद्ध नागरिक व सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे. ग्रामीणों ने प्रशासन के इस त्वरित कदम की सराहना की है, लेकिन साथ ही इंदौर के दोषी पटाखा फैक्ट्री मालिक पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है.
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