India Nepal Cargo Train Service: भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. भारत-नेपाल परिवहन समझौते (India-Nepal Transit Treaty) के तहत अब तीसरे देशों से नेपाल के लिए आयात होने वाला सभी प्रकार का रेल कार्गो (मालगाड़ी) सीधे भारतीय सीमा जोगबनी कस्टम यार्ड होते हुए नेपाल के विराटनगर कस्टम यार्ड तक जा सकेगा. इस नई और महत्वाकांक्षी रेल सेवा की औपचारिक शुरुआत शुक्रवार को कोलकाता बंदरगाह (Port) से हरी झंडी दिखाकर की गई.
क्या है नया कानूनी प्रावधान और संशोधन?
इस नई व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए भारत सरकार के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) द्वारा महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किए गए हैं:
- कस्टम नोटिफिकेशन: भारत सरकार ने 4 नवंबर 2025 को एक आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन संख्या 73/2025 कस्टम्स) जारी की थी. इसके तहत 'इलेक्ट्रॉनिक कार्गो ट्रैकिंग सिस्टम (ECTS) नियमावली 2019' में आवश्यक संशोधन किए गए.
- दायरे का विस्तार: इस संशोधन के जरिए कोलकाता, हल्दिया और विशाखापट्टनम बंदरगाहों से नेपाल जाने वाले रेल कार्गो के दायरे को बढ़ाते हुए इसे विराटनगर भंसार (कस्टम) तक सीधे ले जाने की वैधानिक अनुमति दी गई.
- प्रक्रियागत व्यवस्था: बाद में 26 फरवरी 2026 को कोलकाता कस्टम्स ने एक और अधिसूचना जारी कर कोलकाता व हल्दिया से वीरगंज (नेपाल) के पुराने रूट के अतिरिक्त, जोगबनी स्थित भारतीय कस्टम यार्ड के रास्ते विराटनगर तक कार्गो रैक भेजने की पूरी प्रशासनिक व प्रक्रियागत रूपरेखा तय की.
शुक्रवार को रवाना हुई पहली खेप, अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस ऐतिहासिक निर्णय को क्रियान्वित करने के लिए कोलकाता स्थित नेपाली महावाणिज्य दूतावास ने भारतीय सीमा शुल्क विभाग, कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट और संबंधित शिपिंग लाइनों के साथ उच्च स्तरीय समन्वय स्थापित किया:
- औपचारिक रवानगी: शुक्रवार को कोलकाता पोर्ट पर आयोजित एक विशेष समारोह में नेपाली महावाणिज्य दूत झक्कप्रसाद आचार्य, कोलकाता कस्टम्स, कोलकाता पोर्ट और कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CONCOR) के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पहली मालगाड़ी (रेल रैक) को विराटनगर के लिए रवाना किया गया.
- पहली खेप का विवरण: इस उद्घाटन ट्रेन के जरिए नेपाल की प्रसिद्ध स्वस्तिक ऑयल इंडस्ट्रीज के लिए तीसरे देश से आयात किए गए कच्चे माल के 40 फीट वाले कुल 40 हाई-क्यूब कंटेनर भेजे गए हैं.
India Nepal Cargo Train Service: ECTS तकनीक से लैस हैं कंटेनर; व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
सुरक्षा और पारदर्शिता को सौ प्रतिशत पुख्ता करने के लिए मालगाड़ी के सभी 40 कंटेनरों में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक कार्गो ट्रैकिंग सिस्टम (ECTS) लगाया गया है. इस सैटेलाइट आधारित ट्रैकिंग प्रणाली से रास्ते में कार्गो की लाइव लोकेशन और सुरक्षा की निगरानी दोनों देशों के कस्टम अधिकारी कर सकेंगे.
इस सीधी रेल सेवा के बहाल होने से नेपाल के उद्योगों के लिए तीसरे देशों (Third Countries) से आने वाले भारी माल की ढुलाई न केवल अत्यधिक तेज होगी, बल्कि माल ढुलाई की लागत (ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट) भी काफी कम और सुरक्षित हो जाएगी. इसके साथ ही बिहार के अररिया जिले में स्थित जोगबनी-विराटनगर एकीकृत चेक पोस्ट (ICP) और कस्टम यार्ड पर माल अनलोडिंग का दबाव कम होगा, जिससे आने वाले दिनों में सीमावर्ती व्यापार और द्विपक्षीय आर्थिक गतिविधियों को एक नई और अभूतपूर्व रफ्तार मिलेगी.
