Araria Rain: दो दिन की झमाझम बारिश ने पलासी प्रखंड में मौसम का मिजाज बदल दिया. शनिवार और रविवार को हुई बारिश से जहां भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं धान की खेती कर रहे किसानों के चेहरे भी खिल उठे. खेतों में पानी और नमी पहुंचने से किसानों को उम्मीद है कि धान की फसल को इस बारिश का फायदा मिलेगा.
लेकिन बारिश अपने साथ दूसरी परेशानी भी लेकर आई. जर्जर सड़कों पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से कई जगह सड़कें जलमग्न हो गईं. ग्रामीण और मुख्य सड़कों पर जलजमाव के कारण लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है. कई स्थानों पर फिसलन के कारण दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है.
धान के खेतों में लौटी नमी, किसानों को मिली राहत
पलासी प्रखंड में धान की खेती करने वाले किसानों के लिए शनिवार और रविवार की बारिश राहत लेकर आई. पिछले दिनों की गर्मी और उमस के कारण खेतों में नमी कम हो रही थी.
बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी लौट आई है. किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए यह बारिश वरदान साबित हुई है. समय पर पानी मिलने से फसल को फायदा होगा और खेतों में कृषि कार्य भी आसान होगा.
किसानों के लिए बारिश इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि धान की फसल के लिए पर्याप्त पानी और खेतों में नमी जरूरी होती है. बारिश ने फिलहाल किसानों की चिंता कम की है.
सड़क के गड्ढों में भरा पानी, बढ़ी लोगों की मुश्किल
बारिश के बाद पलासी क्षेत्र की जर्जर सड़कों की स्थिति और खराब हो गई है. सड़कों पर पहले से मौजूद गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पलासी मुख्यालय से मदनपुर होते हुए अररिया जाने वाली मुख्य सड़क पर पचकौड़ी चौक तक कई जगह सड़क की स्थिति खराब है. डेहटी, मदनपुर सहित कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन चुके हैं. बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भरने से यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कितनी गहरी या खराब है.
इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है.
बंद पुल निर्माण स्थल का डायवर्सन बना खतरा
पलासी से पश्चिम चिड़यारी के पास बंद पड़े पुल निर्माण स्थल का डायवर्सन भी बारिश के बाद परेशानी का कारण बन गया है.
डायवर्सन पर फिसलन बढ़ गई है. स्थानीय लोगों के अनुसार यहां से गुजरने के दौरान कई लोग फिसलकर घायल हो रहे हैं. बारिश के कारण रास्ते की स्थिति और खराब होने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है.
पुल निर्माण का काम बंद रहने और डायवर्सन की खराब स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है.
नेपाल को जोड़ने वाली सड़क भी बदहाल
जोकीहाट से पलासी होते हुए बलुआ कलियागंज के रास्ते नेपाल को जोड़ने वाली सड़क की स्थिति भी खराब बताई जा रही है.
बारिश के बाद इस सड़क पर आवागमन और मुश्किल हो गया है. कई जगह सड़क टूट चुकी है और पानी जमा होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों के लिए यह सड़क महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी खराब स्थिति लंबे समय से समस्या बनी हुई है.
कई जगह सड़कें बनीं 'झील'
डेगा, मैना, मोहनियां, पलासी बाजार और कनखुदिया समेत कई जगहों पर बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया. कई स्थानों पर सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि वहां से गुजरना लोगों के लिए चुनौती बन गया है.
सड़क के गड्ढों में भरा पानी वाहन चालकों के लिए खास परेशानी पैदा कर रहा है. पैदल चलने वाले लोगों को भी पानी और कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बारिश का दौर आगे भी जारी रहा, तो इन स्थानों पर जलजमाव की समस्या और गंभीर हो सकती है.
Araria Rain: किसानों को राहत, लेकिन प्रशासन के सामने सड़क की चुनौती
बारिश ने एक तरफ किसानों को राहत दी है, लेकिन दूसरी तरफ जर्जर सड़कों की समस्या को भी सामने ला दिया है. लोगों की मांग है कि खराब सड़कों की जल्द मरम्मत कराई जाए और जहां जलजमाव हो रहा है, वहां जल निकासी की व्यवस्था की जाए.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क मरम्मत और जल निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की है.
फिलहाल बारिश से किसानों को धान की फसल के लिए जरूरी नमी मिल गई है. लेकिन आम लोगों के लिए राहत तभी पूरी मानी जाएगी, जब बारिश के बाद सड़कों पर जमा पानी निकले और जर्जर रास्तों की समस्या का समाधान हो. अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है कि जलजमाव और बदहाल सड़कों से राहत के लिए कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं.
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