बाबाजी की कुटिया में बह रही भक्ति की गंगा

महाअष्टयाम में भाग लेने दूर-दूर से आ रहे श्रद्धालु

महाअष्टयाम में नानु बाबा को देखकर आती है चैतन्य महाप्रभु की याद :32-प्रतिनिधि, अररिया अररिया की हृदय स्थली बाबाजी की कुटिया स्थित हनुमान मंदिर में चल रहे महाअष्टयाम संकीर्तन से पूरा अररिया का वातावरण भक्तिमय है. इस आयोजन का समापन रविवार को होगा. यह महाअष्टयाम मां खड्गेश्वरी के साधक नानु बाबा की अध्यक्षता में की जा रही है. श्रद्धालुओं ने कहा कि नानु बाबा को देखकर चैतन्य महाप्रभु की याद ताजा हो जाती है. भक्तों को बाबाजी कुटिया में स्वर्ग का आनंद मिलता है, इस कारण अधिक से अधिक समय भक्तगण महाअष्टयाम में ही गुजारते है. कीर्तन मंडली के साथ आये छोटे छोटे बच्चों का नृत्य आकर्षक व भक्तिमय माहौल बना देता है. नानु बाबा के शिष्य हेमंत कुमार हीरा ने बताया कि चैतन्य महाप्रभु वैष्णव धर्म के प्रचारक व भक्तिकाल के साथ ही महान संत व प्रमुख कवियों में एक हैं. चैतन्य प्रभु ने ही वैष्णवों के गौड़ीय संप्रदाय की आधारशिला रखी. जात-पात की जंजीर को तोड़ने व सभी मानव जाति को एक सूत्र में पिरोने के लिए चैतन्य महाप्रभु ने हरिनाम संकीर्तन आंदोलन की भी शुरुआत की. विलुप्त होते वृंदावन को फिर से बसाने में भी चैतन्य महाप्रभु का अहम योगदान रहा है. ठीक इसी प्रकार नानु बाबा सभी धर्मों के लिए मिसाल है व उन्हें देखकर चैतन्य महाप्रभु की याद आ जाती है.

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