फारबिसगंज (अररिया). फोरलेन से सटे फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल में मरीजों की संख्या के अनुपात में चिकित्सकों की भारी कमी है. अस्पताल में चिकित्सकों के 28 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में महज आठ चिकित्सकों के भरोसे स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हो रही हैं. डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
आठ चिकित्सकों के भरोसे चल रहा अस्पताल
वर्तमान में प्रभारी उपाधीक्षक सह शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष कुमार, डॉ. रेशमा रजा, डॉ. केएन सिंह, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. रोहित कुमार, डॉ. विशाल कुमार, डॉ. अफजल अहमद और डॉ. रूपेश कुमार पदस्थापित हैं.
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुन्ना कुमार की प्रतिनियुक्ति सदर अस्पताल अररिया में कर दी गयी है. इससे सड़क दुर्घटना और हड्डी रोग से जुड़े मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है. ऐसे मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत पड़ रही है.
रोजाना ओपीडी में पहुंचते हैं 500 से 600 मरीज
फोरलेन के नजदीक स्थित होने के कारण अस्पताल में रोजाना औसतन 500 से 600 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं. वहीं इमरजेंसी में 100 से अधिक घायल मरीजों के आने की बात बतायी जा रही है.
अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ नहीं होने से महिला मरीजों को भी परेशानी होती है. स्थानीय लोगों ने महिला विशेषज्ञ समेत अन्य आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना की मांग की है.
इमरजेंसी में ड्रेसर का पद खाली
अस्पताल की इमरजेंसी सेवा में ड्रेसिंग के लिए एक भी ड्रेसर उपलब्ध नहीं है. बताया गया कि चतुर्थवर्गीय कर्मियों से ही ड्रेसिंग का काम कराया जा रहा है. इससे आपात स्थिति में मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधा को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने से लंबी कतारें
बदलते मौसम के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और एलर्जी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. इससे ओपीडी में लंबी कतारें लग रही हैं. इसी दौरान सड़क दुर्घटना, विषपान या सर्पदंश के मरीज पहुंचने पर अस्पताल में अफरा-तफरी की स्थिति बन जाती है. चिकित्सकों की सीमित संख्या के कारण ओपीडी और इमरजेंसी दोनों सेवाओं का संचालन चुनौतीपूर्ण हो जाता है.
विशेषज्ञ चिकित्सकों और सर्जन की पदस्थापना की मांग
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों और सर्जन की पदस्थापना करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा संसाधन और मानवबल उपलब्ध कराया जाना जरूरी है.
वरीय अधिकारियों को दी गयी है जानकारी
प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. आशुतोष कुमार ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर मरीजों को बेहतर सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की कमी के संबंध में वरीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है.
