डाकघर में हो रहा हर काम, लोगों को जागरूक करने की जरूरत

डाकघर को हाइटेक के साथ-साथ बनाया जा रहा डिजिटल

कुर्साकांटा. बदलते समय के अनुसार अब डाकघर को भी हाईटेक के साथ-साथ डिजिटल बनाया जा रहा है. डाकिया को लेकर कहा जाता है डाकिया डाक लाया, लेकिन बदलते समय के अनुसार, अब डाकिया केवल पत्र ही नहीं पहुंचाते, नकद के आदान प्रदान के साथ अन्य आधुनिक कार्यों को भी कर रहे हैं. पत्र व पार्सल के साथ रोजमर्रा के अनेक सामानों को भी डाकिया घर-घर पहुंचा रहे. अब डाक बांटने वाले डाकिया के साथ हीं डाक विभाग में काम करने वाले कर्मचारी भी पूरी तरह से डिजिटल हो चुके हैं. पहले जो काम घंटों में होता था, वही काम अब डिजिटल होने पर कर्मचारी चंद सेकेंड में कर देते हैं. हाल के दिनों में देखा जाये तो डाक सेवाओं में आमूल चूल परिवर्तन किया गया है. फिजिकल मेल से डिजिटल मेल के इस दौर में डाक सेवाओं में विविधता के साथ कई नये आयाम जुड़े हैं.

गंगाजल तक डाक के जरिये पहुंच रहा घर

आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर आइडी, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक चेक बुक, एटीएम, वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ-साथ विभिन्न मंदिरों के प्रसाद, गंगाजल, दवाईयां व रक्षाबंधन पर्व पर राखी भी डाकिया घर तक पहुंचा रहे हैं.

एंड्रायड बेस्ड स्मार्ट फोन से लैस हैं डाक कर्मचारी

ई-कामर्स को बढ़ावा देने के लिए कैश आन डिलीवरी, लेटर बाक्स से नियमित डाक निकालने के लिए मोबाइल एप व डाकिया द्वारा एंड्रायड बेस्ड स्मार्ट फोन आधारित डिलीवरी व वित्तीय सेवाएं प्रदान करने जैसे तमाम कदम डाक विभाग की अभिनव पहल है. इससे काफी कुछ सहज हो गया है. इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से आर्थिक व सामाजिक समावेशन के तहत पोस्टमैन चलते-फिरते एटीएम के रूप में नयी भूमिका निभा रहे हैं व जन सुरक्षा योजनाओं से लेकर आधार, डीबीटी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, ई-श्रम कार्ड, वाहन बीमा, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तक की सुविधा प्रदान कर रहे हैं.

बोले उप डाकपाल

उप डाकपाल मो अयूब आलम ने कहा कि डाक विभाग का सबसे मुखर चेहरा डाकिया हैं. डाकिया की पहचान चिट्ठी-पत्री व मनीआर्डर बांटने वाली ही रही है, पर अब डाकिये के हाथ में स्मार्ट फोन व बैग में डिजिटल डिवाइस भी मौजूद है. इससे वे तुरंत पता कर लेते हैं कि आपके सामान की डिलीवरी कब होगी या फिर वह अभी कहां है. इसके साथ ही पोस्ट आफिस में काम करने वाले कर्मचारी अब पूरी तरह से हाइटेक हो गये हैं. डाक कर्मियों की भूमिका में तमाम परिवर्तन आये हैं. पहले जो कार्य लिख कर होता था, वही अब मेल के जरिए या फिर डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है.

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