अररिया : बिहार सरकार के सात निश्चय-3.0 के तहत संचालित ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को समाहरणालय परिसर में जनता दरबार का आयोजन किया गया. जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन दिए. इस दौरान कुल 30 मामलों की सुनवाई की गयी.
डीएम ने सुनीं फरियाद, अधिकारियों को दिए निर्देश
जनता दरबार में डीएम ने आमजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
डीएम ने कहा कि आमजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को मामलों के निष्पादन में अनावश्यक देरी नहीं करने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा.
जनता दरबार में इन मामलों की हुई सुनवाई
जनता दरबार की प्रमुख शिकायतें
- बोची निवासी अफजल ने नल-जल योजना के पंप चालक के लंबित मानदेय के भुगतान की मांग की.
- मदनपुर निवासी डॉ. प्रेमचंद्र ने शस्त्र अनुज्ञप्ति अपने पुत्र के नाम हस्तांतरित करने को लेकर आवेदन दिया.
- फारबिसगंज निवासी संजीव कुमार मंडल, शिवम डेयरी उद्योग पिपरा ने नेपाली कंपनी के दूध और दही की भारतीय क्षेत्रों में कथित अवैध बिक्री पर रोक लगाने की मांग की.
- कुर्साकांटा निवासी लता देवी ने जबरन घर का दरवाजा तोड़ने और चापाकल ले जाने की शिकायत दर्ज करायी.
- नरपतगंज निवासी लता देवी ने रसोइया के पद से जबरन इस्तीफा लेने और काम नहीं करने देने का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया.
- रानीगंज निवासी उर्मिला देवी ने निजी जमीन पर कार्य करने से रोके जाने के संबंध में शिकायत की.
शिकायतों के निष्पादन पर प्रशासन की नजर
जनता दरबार में अलग-अलग प्रखंडों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रखीं. अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. इससे फरियादियों को अपनी शिकायतों के समाधान की उम्मीद जगी है.
प्रशासन का कहना है कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना और संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समाधान सुनिश्चित करना है. ऐसे मामलों के निष्पादन की समयसीमा पर भी नजर रखी जा रही है.