गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार संध्या अररिया काली मंदिर परिसर स्थित 'दिव्य ज्योति शिव साईं मंदिर' श्रद्धा, भक्ति और प्रेरणा का अनोखा संगम बन गया. इस अवसर पर मां काली मंदिर के साधक नानू बाबा के कर-कमलों से 'अररिया फिजिकल अकादमी' के उत्कृष्ट खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित कर सनातन गुरु-शिष्य परंपरा को नई ऊंचाई दी गई.
इन 5 हस्तियों को मिला सम्मान
आयोजन में राज्य व विश्वविद्यालय स्तर पर जिले का नाम रोशन करने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों और उन्हें तराशने वाले गुरुओं को मंच पर सम्मानित किया गया:
- इंद्राणी कुमारी (स्टेट मेडलिस्ट): राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से सम्मानित.
- समीर कुमार (स्टेट मेडलिस्ट): खेल जगत में उल्लेखनीय उपलब्धि और युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन के लिए मिला सम्मान पत्र.
- शहंशाह (मुख्य प्रशिक्षक, अररिया फिजिकल अकादमी): खिलाड़ियों को तराशने व उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देने में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान.
- गोपाल कुमार व रेणु कुमार: खेल और सामाजिक गतिविधियों के प्रति निरंतर समर्पण के लिए सम्मानित.
- गणेश कुमार (निवासी, जोकीहाट): खेल प्रोत्साहन और सामाजिक योगदान के लिए मिला सम्मान.
"धार्मिक स्थल अब बन रहे सामाजिक प्रेरणा के केंद्र"
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन महज एक सम्मान समारोह नहीं है, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है.
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि दिव्य ज्योति शिव साईं मंदिर अब केवल पूजा-अर्चना तक सीमित न रहकर सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल जगत की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का एक प्रमुख मंच बन चुका है.
उत्साह और सम्मान का माहौल
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, खिलाड़ी, प्रशिक्षक और अभिभावक मौजूद रहे. साधक नानू बाबा के हाथों सम्मान पाकर युवा खिलाड़ियों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने भविष्य में भी राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर जिले का नाम रोशन करने का संकल्प दोहराया.
