अररिया जिले में विभिन्न विकासात्मक और जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी (DM) विनोद दूहन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान डीएम ने राशन कार्ड निर्माण, आगामी जनगणना, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, टीबी उन्मूलन और प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना सहित दो दर्जन से अधिक मुख्य बिंदुओं पर बिंदुवार समीक्षा की. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों को हर हाल में पूरा किया जाए, किसी भी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
राशन कार्ड निर्माण में लाएं तेजी, पंचायत सचिव-विकास मित्र होंगे जिम्मेदार
जिलाधिकारी ने सबसे अधिक जोर आम जनता से जुड़े राशन कार्ड निर्माण अभियान पर दिया:
- बीडीओ को निर्देश: जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राशन कार्ड निर्माण की गति को दोगुना करें ताकि तय लक्ष्य समय पर हासिल हो सके.
- जवाबदेही तय: डीएम ने कहा कि धरातल पर काम करने वाले पंचायत सचिवों और विकास मित्रों को उनके जिम्मे सौंपे गए कार्यों और नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए. काम में शिथिलता मिलने पर संबंधित कर्मियों पर सीधी कार्रवाई होगी.
शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े सुधार का ब्लूप्रिंट
बैठक में बच्चों की शिक्षा और ग्रामीण स्वास्थ्य को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनका ब्योरा निम्नलिखित है:
- अधिकारी लेंगे स्कूल गोद: शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी पर्यवेक्षी (Supervisory) अधिकारियों को प्रतिदिन अनिवार्य रूप से स्कूलों का औचक निरीक्षण करने और प्रतिवेदन सौंपने का आदेश दिया. इसके साथ ही हर अधिकारी को एक स्कूल गोद (Adopt) लेकर उसके बुनियादी और समग्र विकास की जिम्मेदारी उठानी होगी.
- शिक्षकों की रैंकिंग: जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को जिले के सभी शिक्षकों की कार्यक्षमता और प्रदर्शन के आधार पर एक समग्र रैंकिंग प्रणाली तैयार करने को कहा गया है.
- चिकित्सा आपके द्वार व टीबी उन्मूलन: स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 'चिकित्सा आपके द्वार' योजना के तहत पंचायतों में नियमित मेडिकल स्क्रीनिंग कैंप लगाने के निर्देश दिए गए. पंचायत स्तर पर टीबी (Tuberculosis) मरीजों की पहचान करने, उनकी समय पर जांच कराने और स्थानीय स्तर पर 'निक्षय मित्र' बनाने पर जोर दिया गया.
सीमावर्ती पंचायतों में बढ़ेगा डेयरी नेटवर्क, सौर ऊर्जा को बढ़ावा
किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी अहम रणनीतियां तय की गईं:
- दुग्ध सहकारी समितियां: भारत-नेपाल सीमा से सटी सभी पंचायतों में किसानों को पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा. वर्तमान में कुआड़ी और मजरख पंचायत में यह व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित है. अब इसका विस्तार अन्य सीमावर्ती पंचायतों में कर किसानों को कोसी डेयरी परियोजना, पशु बीमा और सरकारी अनुदान का लाभ दिलाया जाएगा.
- प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना: डीएम ने बिजली बिल से मुक्ति दिलाने वाली इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर पात्र परिवारों से आवेदन कराने का निर्देश दिया. उन्होंने बताया कि छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार भारी सब्सिडी के साथ-साथ आसान बैंक ऋण (Loan) की सुविधा भी दे रही है.
1 अगस्त से शुरू होगी जनगणना; साइबर सुरक्षा पर फोकस
आगामी प्रशासनिक और सामाजिक अभियानों को लेकर डीएम विनोद दूहन ने समय-सारणी स्पष्ट कर दी है:
- डिजिटल व सामाजिक सुरक्षा: साइबर अपराधों से भोले-भले ग्रामीणों को बचाने के लिए और नशा मुक्ति के पक्ष में पंचायत स्तर पर नुक्कड़ नाटक और गोष्ठियों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. 'अभियान बसेरा' के तहत भूमिहीनों को आवास/जमीन देने के कार्य में तेजी लाई जाएगी.
- जनगणना 2026: जिले में आगामी 1 अगस्त से 31 अगस्त तक प्रस्तावित महत्वपूर्ण जनगणना (Census) कार्य को लेकर सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां समय से पहले पूरी करने की हिदायत दी गई है.
अंत में, डीएम ने 'सहयोग पोर्टल' पर आम जनता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के निवारण की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि जन-शिकायतों का निपटारा केवल कागजों पर नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होना चाहिए, अन्यथा लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
