सद्भावना संत सम्मेलन में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

गांव में रैली निकाल कर संतों ने दिया शांति का संदेश

बथनाहा. बथनाहा के श्यामनगर में आयोजित दो दिवसीय सद्भावना संत सम्मेलन के दूसरे दिन समापन सत्र में आध्यात्म, सामाजिक समरसता और मानवता के संदेशों की गूंज सुनाई दी. सद्भावना सम्मेलन में पहुंचे संत-महात्माओं ने अपने प्रवचनों के माध्यम से समाज में प्रेम, भाईचारा व आपसी सद्भाव बनाये रखने का आह्वान किया. समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महात्मा हीराबाई जी ने कहा कि वर्तमान समय में पूरे विश्व के अंदर विध्वंश मचा हुआ है. यह विध्वंस इंसान की आसुरीवृति के प्रबल होने पर होता है. सत्संग के माध्यम से इंसान के अंदर की इस आसुरीवृति को बदला जा सकता है. सत्संग से इंसान के विचारधारा व मन का परिवर्तन होता है व सत्संग के द्वारा ही मनुष्य की आत्मा का विकास होता है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पारस पत्थर के संगत में आने से लोहा परिवर्तित हो सोना बन जाता है, ठीक उसी तरह सत्संग की संगत में आने से साधारण मनुष्य की वृति भी महान हो जाती है. संत सम्मेलन को महात्मा ज्ञानयुक्तानंद जी, गिरीशानंद जी व कौशांबी बाई जी आदि के द्वारा भी संबोधित किया गया. संतों ने युवाओं से नशामुक्ति, शिक्षा व नैतिक मूल्यों को अपनाने की अपील की. कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन व आध्यात्मिक प्रवचनों ने सम्मेलन में भारी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. कार्यक्रम के समापन पर आयोजन समिति की ओर से सभी संतों व अतिथियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए श्यामनगर शाखा के विजय मंडल, जितेंद्र यादव, जगदीश मंडल, देव नारायण दास, आनंद मंडल, बीरबल यादव, कुंदन ठाकुर, संतोष यादव,महेश मंडल, अनोज ठाकुर आदि सदस्यों के साथ स्थानीय लोगों द्वारा जी तोड़ मेहनत की. इस मौके पर आयोजकों ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भविष्य में भी होते रहेंगे, ताकि समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे का वातावरण बना रहे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >